scorecardresearch
Sunday, 26 April, 2026
होमदेशकंझावला कांड : मजिस्ट्रेट ने मामले की सुनवाई सत्र न्यायालय को भेजा

कंझावला कांड : मजिस्ट्रेट ने मामले की सुनवाई सत्र न्यायालय को भेजा

Text Size:

नयी दिल्ली, 18 अप्रैल (भाषा) दिल्ली में कंझावला कांड के नाम से चर्चित मामले को मेट्रोपॉलिटल मजिस्ट्रेट अदालत ने मंगलवार को सत्र न्यायालय को सौंप दिया।

उल्लेखनीय है कि नए साल के दिन 20 वर्षीय एक महिला को एक कार ने टक्कर मार दी गई थी और करीब 12 किलोमीटर से तक घसीटा था जिससे उसकी मौत हो गई थी।

मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट अदालत सान्या दलाल ने आरोप पत्र के साथ संलग्न दस्तावेजों की जांच करने के बाद मामले को सत्र न्यायालय को संदर्भित कर दिया।

दंड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) के तहत फौजदारी मामलों की सुनवाई अपराध की गंभीरता के आधार पर सत्र न्यायालय और मजिस्ट्रेट अदालत में विभाजित होती है।

अगर कोई अपराध विशेष रूप से सत्र न्यायालय द्वारा सुनवाई योग्य है तो मजिस्ट्रेट अदालत आरोप पत्र पर संज्ञान लेने के बाद मामले को सत्र न्यायालय के सुपुर्द कर देती है।

मामले की अगली सुनवाई 21 अप्रैल तक के लिए टाल दी गई।

मजिस्ट्रेट अदालत ने 800 पन्नों के आरोप पत्र पर 18 अप्रैल को संज्ञान लिया था।

दिल्ली पुलिस ने प्राथमिकी में चार कार सवारों के खिलाफ हत्या की धारा के तहत प्राथमिकी दर्ज कराई। वहीं, सभी सात आरोपियों के खिलाफ आपराधिक साजिश, सबूतों को नष्ट करने, आरोपियों को शरण देने, समान मंशा से कार्य करने, अन्य व्यक्ति के घायल होने पर सरकारी कर्मचारी को अपनी शक्ति का उपयोग करने के लिए मजबूर करने हेतु गलत सूचना देने की धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कराई है।

भाषा धीरज माधव

माधव

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

share & View comments