नाहन (हिमाचल प्रदेश), 13 अगस्त (भाषा) हिमाचल प्रदेश के हाटी समुदाय की कई लुप्तप्राय लोक परंपराओं को पुनर्जीवित करने और उन्हें राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय मंचों तक पहुंचाने का श्रेय पाने वाले, ख्याति प्राप्त लोक कलाकार जोगिंदर हब्बी को बृहस्पतिवार को नयी दिल्ली में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया।
सिरमौर की हाटी संस्कृति को संरक्षित और बढ़ावा देने के लिए पिछले तीन दशकों में किए गए प्रयासों के सम्मान में, हब्बी को विज्ञान भवन में आयोजित एक भव्य समारोह में यह पुरस्कार प्रदान किया गया।
सिरमौर के अंज भोज इलाके के जाने-माने सांस्कृतिक कार्यकर्ता ओम प्रकाश ठाकुर ने कहा कि हब्बी ने तीन दशकों से ज़्यादा समय लुप्त होती लोक कलाओं को बचाने में बिताया है, खासकर उन कलाओं को जो सिरमौर ज़िले के हाटी समुदाय की संस्कृति से जुड़ी हैं।
अपने गुरु और पद्म श्री पुरस्कार से सम्मानित विद्यानंद सराईक के साथ मिलकर, हब्बी गिरी-पार क्षेत्र की अनुसूचित जनजाति ‘हाटी समुदाय’ की पारंपरिक कलाओं को दर्ज करने, उन्हें संरक्षित करने और लोकप्रिय बनाने के अपने काम के लिए जाने जाते हैं।
इनमें प्रसिद्ध मार्शल नृत्य ‘थोड़ा’, ‘हाटी की नाटी’, ‘सिंघटू’, ‘बढ़ल्टू’ और ‘डग्याली’ नृत्य शामिल हैं।
भाषा प्रशांत संतोष
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