नई दिल्ली: संदिग्ध आतंकी हमले में अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा ड्यूटी पर तैनात जम्मू-कश्मीर पुलिस (जेकेपी) के 35 साल के जवान की संदिग्ध आतंकियों ने गोली मारकर हत्या कर दी. सूत्रों ने इसकी पुष्टि की.
बुधवार दोपहर करीब 12:30 बजे अनंतनाग के व्यस्त लाल चौक इलाके में क्लॉक टावर के पास फायरिंग हुई.
जेकेपी को मिले सीसीटीवी फुटेज में एक व्यक्ति काली टोपी पहने दिख रहा है. उसके हाथ में केसरिया, सफेद और हरे रंग के कपड़े में लिपटा एक बंडल है. पुलिस के मुताबिक, उस बंडल में एके-47 राइफल थी, जिसका इस्तेमाल हमले में किया गया.
इंडियन रिजर्व पुलिस की तीसरी बटालियन में तैनात और बडगाम के रहने वाले हेड कॉन्स्टेबल आशिक हुसैन कुरैशी को तुरंत अनंतनाग के गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज (जीएमसी) अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. पुलिस ने सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया है.
पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, “वह लाल चौक में कोतवाल गली के प्रवेश द्वार के पास ड्यूटी पर थे. तभी एक व्यक्ति ने उन्हें बहुत नजदीक से गोली मार दी.”
सुरक्षा एजेंसियों के सूत्रों ने बताया कि अब हमलावर के विदेशी आतंकी होने का शक है.
सूत्र ने कहा, “पहले लगा था कि यह किसी नए LeT आतंकी का काम है, लेकिन अब लगता है कि हमलावर विदेशी आतंकी है. उसकी तलाश जारी है.”
सूत्र ने बताया कि हमलावर ने नज़दीक से कई गोलियां चलाईं और फिर मौके से फरार हो गया.
सूत्र ने कहा, “पुलिसकर्मी को तुरंत जीएमसी अनंतनाग ले जाया गया, लेकिन ज्यादा खून बहने की वजह से उनकी मौत हो गई. उन्हें पांच से ज्यादा गोलियां लगी थीं.”
घटना के तुरंत बाद पूरे इलाके की सुरक्षा बढ़ा दी गई. यह हमला अमरनाथ यात्रा के दौरान हुआ है. हालांकि, भारी बारिश की वजह से यात्रा फिलहाल रुकी हुई है, लेकिन पूरे रूट पर सुरक्षा बल तैनात हैं.
पुलिस अब इलाके के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है और टीआरएफ के हमलावर की तलाश के लिए बड़े स्तर पर सर्च ऑपरेशन चला रही है. हमले के बाद लश्कर-ए-तैयबा के प्रॉक्सी संगठन द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF) से जुड़े रेजिस्टेंस फाइटर्स ने हमले की जिम्मेदारी ली.
ऑनलाइन जारी पोस्टर में संगठन ने कहा, “यात्रा की कड़ी सुरक्षा के बीच रेजिस्टेंस फाइटर्स ने जेकेपी के जवानों पर सटीक निशाना लगाकर हमला किया, जिसमें जेकेपी के आशिक हुसैन को पांच गोलियां मारी गईं.”
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