चंडीगढ़, 22 अक्टूबर (भाषा) नशा विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा के परिवार ने बृहस्पतिवार को कहा कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक वे शव का पोस्टमार्टम नहीं होने देंगे।
झोटा की पिछले हफ्ते पंजाब के मानसा में दवा की एक दुकान के अंदर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
झोटा हत्याकांड में न्याय की लड़ाई लड़ रही संयुक्त कार्रवाई समिति के साथ बैठक के बाद परिवार ने कहा कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक वे शव का पोस्टमार्टम नहीं होने देंगे।
परिवार ने झोटा की हत्या की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से कराने की मांग की थी। केंद्रीय एजेंसी ने मामले की जांच अपने हाथ में ली है।
इसके अलावा, परिवार ने झोटा के नाम पर ट्रॉमा सेंटर की स्थापना और घटना में घायल हुए लोगों के लिए मुआवजे की मांग की है। इस वारदात में चार अन्य लोग भी गोली लगने से घायल हुए थे।
कार्यकर्ता की पत्नी मनप्रीत कौर ने कहा, “जब तक सरकार हमारी मांगों को स्वीकार नहीं करती, हम झोटा का पोस्टमार्टम नहीं होने देंगे।”
झोटा के पिता एवं पूर्व सैनिक भीम सिंह ने बताया कि सिख पंथ ने संदेश दिया है कि सभी मांगें माने जाने के बाद ही पोस्टमार्टम की इजाजत दी जाएगी।
भाषा सुमित पारुल
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