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Friday, 7 August, 2026
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रांची प्रदर्शन के बीच सीएम हेमंत सोरेन ने JPSC-JSSC एस्पिरेंट्स को बातचीत के लिए बुलाया

भर्ती परीक्षाओं में कथित पेपर लीक और गड़बड़ियों को लेकर जारी प्रदर्शन के बीच सीएम बोले-सरकार छात्रों की समस्याएं समझना चाहती है.

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रांची: झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने शुक्रवार को रांची में प्रदर्शन कर रहे JPSC और JSSC एस्पिरेंट्स से बातचीत की पहल की. उन्होंने कहा कि सरकार छात्रों से संवाद के लिए पूरी तरह तैयार है और उनकी उम्मीदों के मुताबिक मजबूत सुधार लागू करने के लिए प्रतिबद्ध है.

मुख्यमंत्री का यह बयान उस समय आया है, जब राज्य में भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों और पेपर लीक को लेकर छात्र जयपाल सिंह स्टेडियम में लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं.

हेमंत सोरेन ने कहा, “हमने पहले ही बातचीत का रास्ता तय कर दिया है. हम बातचीत के लिए तैयार हैं. सरकार हर छात्र की समस्या को समझना चाहती है. अब हम छात्रों की बात को जयपाल सिंह स्टेडियम की सीमाओं से आगे ले जाना चाहते हैं.”

उन्होंने कहा, “हमारा लक्ष्य ऐसे बड़े और मजबूत सुधार करना है, जो छात्रों की उम्मीदों को उनकी ज़रूरतों के मुताबिक पूरा कर सकें.”

हालांकि, प्रदर्शन के दौरान JLKM विधायक जयराम महतो ने चयन प्रक्रिया की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल उठाए. उन्होंने JPSC प्रारंभिक परीक्षा और JSSC CGL परीक्षा के नतीजों से जुड़े एक मामले का ज़िक्र किया.

महतो ने आरोप लगाया, “मांग JPSC प्रारंभिक परीक्षा को लेकर है. इस मामले का आरोपी JSSC CGL परीक्षा में दूसरी रैंक से पास हुआ था और उसके परिवार के कई सदस्य भी इस परीक्षा में सफल हुए हैं.”

उन्होंने मांग की कि “जिस उम्मीदवार ने जिन-जिन परीक्षाओं में हिस्सा लिया है और जिन कंपनियों ने ये परीक्षाएं कराई हैं, उन सभी की जांच होनी चाहिए.”

इस बीच ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की अध्यक्ष नेहा बोरा भी शुक्रवार को रांची में प्रदर्शन कर रहे नौकरी के एस्पिरेंट्स के समर्थन में पहुंचीं. छात्र राज्य में JPSC, JSSC CGL और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं.

JPSC और JSSC परीक्षाओं से जुड़ी मांगों को लेकर हो रहे इस आंदोलन ने राजनीतिक हलकों का भी ध्यान खींचा है. छात्रों की मांग है कि उनकी समस्याओं का समाधान जल्द किया जाए, क्योंकि आंदोलन के बीच स्वास्थ्य आपात स्थिति गहराने की आशंका भी जताई जा रही है.

इससे पहले गुरुवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने फोन पर JPSC-JSSC एस्पिरेंट्स से बातचीत की थी.

JPSC-JSSC रिफॉर्म मंच के अनुसार, प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने सरकार से बातचीत के लिए 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल बनाया है.

इस प्रतिनिधिमंडल में 8 छात्र प्रतिनिधि, 1 वकील और 2 तकनीकी विशेषज्ञ शामिल हैं. छात्र प्रतिनिधियों में पीयूष कुमार सिंह, रविंद्र पासवान, राजेश प्रसाद, नीतू कुजूर, कार्तिक सोरेन, रविंद्र, अंकित कुमार और शालू सिंह शामिल हैं.

प्रदर्शनकारी छात्रों की यह भी मांग है कि सरकार के साथ होने वाली बातचीत मीडिया की मौजूदगी में खुले मंच पर हो.

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