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Friday, 7 August, 2026
होमदेशहापुड़ रोड रेज: कोमा में गए ड्राइवर की मौत, हत्या की कोशिश के मामले में 4 कांवड़ियों समेत 7 पर केस

हापुड़ रोड रेज: कोमा में गए ड्राइवर की मौत, हत्या की कोशिश के मामले में 4 कांवड़ियों समेत 7 पर केस

पुलिस के अनुसार, अजीम अली की पिकअप गाड़ी कांवड़ियों द्वारा किराये पर ली गई ऑटो से टकरा गई थी. इसके बाद उनकी पिटाई की गई. ऑटो चालक के पिता ने भी जवाबी शिकायत दर्ज कराई है.

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नई दिल्ली: हापुड़ के गढ़मुक्तेश्वर में सड़क हादसे के बाद कथित तौर पर कांवड़ियों के एक समूह द्वारा ट्रक ड्राइवर को गाड़ी से खींचकर पीटे जाने की घटना के चार दिन बाद, 24 साल के अजीम अली की दिल्ली के एक अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई.

मुरादाबाद निवासी अजीम 31 जुलाई को अपनी पिकअप गाड़ी लेकर दिल्ली के लिए निकले थे. उन्होंने अपनी पत्नी और तीन महीने के बेटे से कहा था कि वह जल्द घर लौट आएंगे, लेकिन वह कभी वापस नहीं लौट सके.

उत्तर प्रदेश पुलिस के अनुसार, अजीम की पिकअप गाड़ी कांवड़ यात्रा के दौरान गंगाजल लेने जा रहे कुछ कांवड़ियों द्वारा किराये पर ली गई एक ऑटो-रिक्शा से टकरा गई थी. यह हादसा हापुड़ के गढ़मुक्तेश्वर में शिवा ढाबा के पास हुआ. अजीम घर से निकलने के कुछ घंटे बाद ही हादसे का शिकार हो गए.

पुलिस ने बताया कि पिकअप का संतुलन बिगड़ गया और वह ऑटो के पास खड़े ऑटो चालक अरमान से टकरा गई. हादसे में अरमान घायल हो गया. इसके बाद कांवड़ियों ने अजीम को गाड़ी से बाहर खींच लिया और उनकी पिटाई कर दी.

उधर, अगले दिन तक अजीम की कोई खबर नहीं मिलने पर उनकी पत्नी परेशान हो गईं. उन्होंने दिप्रिंट से फोन पर कहा, “2 अगस्त को जब फोन आया तो मुझे लगा अजीम का फोन होगा, लेकिन ऐसा नहीं था.”

उन्होंने बताया कि सुबह करीब 5 बजे पुलिस का फोन आया. पुलिस ने बताया कि अजीम को मेरठ के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है और उनकी हालत लगातार बिगड़ रही है.

अजीम के बड़े भाई मकबूल अली ने कहा, “हमें पता चला कि उनका एक्सीडेंट हुआ है. जब हम अस्पताल पहुंचे तो देखा कि उनका पूरा शरीर पट्टियों में लिपटा हुआ था. डॉक्टर ने बताया कि वह कोमा में चले गए हैं.”

मकबूल ने कहा कि अस्पताल में उन्हें पता चला कि उनके भाई की पिकअप एक ऐसी ऑटो से टकराई थी, जिसमें कई कांवड़िये बैठे थे.

उन्होंने कहा, “उनकी गाड़ी ऑटो से टकराई थी. इसके बाद ऑटो में बैठे कांवड़ियों ने मेरे भाई को बाहर निकालकर बेरहमी से पीटा. बाद में पुलिस उन्हें अस्पताल लेकर गई.”

मकबूल ने बताया कि वह अपने भाई की हालत समझ नहीं पा रहे थे. उन्होंने उनसे बात करने की कोशिश की, लेकिन कहा, “वो तो लाश की तरह पड़ा हुआ था.”

जब अजीम की हालत में कोई सुधार नहीं हुआ तो उन्हें दिल्ली के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया.

मकबूल ने कहा, “4 अगस्त को रात करीब 9 बजे डॉक्टर का फोन आया और बताया कि अब वह नहीं रहे. अगर मेरे भाई से कोई गलती हुई थी, तो उसे पुलिस के हवाले कर देते. उसे इतना क्यों पीटा गया?”

दो एफआईआर

अजीम की मौत के बाद पुलिस ने गढ़मुक्तेश्वर थाने में एफआईआर दर्ज की और पांच लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया. इनमें मनीष, अंकित, लोकेश, शिवम (चारों कांवड़िये) और ऑटो चालक अरमान शामिल हैं. इसके अलावा दो अज्ञात लोगों को भी आरोपी बनाया गया है.

आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की हत्या की कोशिश, दंगा और जानबूझकर साधारण चोट पहुंचाने से जुड़ी धाराओं में मामला दर्ज किया गया है. दिप्रिंट ने एफआईआर की एक कॉपी देखी है.

हापुड़ पुलिस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा कि उसे अजीम के परिवार की लिखित शिकायत मिली थी, जिसके आधार पर कानूनी कार्रवाई की गई है. पुलिस अभी भी अजीम की पिटाई में शामिल दो अन्य लोगों की पहचान करने की कोशिश कर रही है. अब तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है.

पुलिस ने पोस्ट में कहा, “लिखित शिकायत के आधार पर गढ़मुक्तेश्वर थाने में संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया गया है और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है.”

इस बीच, ऑटो चालक अरमान के पिता इमरान ने भी इस मामले में एक अलग एफआईआर दर्ज कराई.

दिप्रिंट द्वारा देखी गई एफआईआर के मुताबिक, 19 साल का अरमान, जो हापुड़ का रहने वाला है, 30 जुलाई को कांवड़ियों के एक समूह के साथ बृजघाट गया था.

एफआईआर में कहा गया है, “मेरा बेटा हापुड़ के शिवा ढाबा के पास खड़ा था, तभी अजीम द्वारा चलाई जा रही पिकअप गाड़ी ने उसे टक्कर मार दी. टक्कर लगने से वह सड़क पर गिर गया और गाड़ी उसके ऊपर से निकल गई, जिससे वह घायल हो गया.”

इमरान ने अपनी शिकायत में कहा कि उनके बेटे के पेट में गंभीर चोटें आई हैं और उसका इलाज एम्स ट्रॉमा सेंटर में चल रहा है.

पुलिस ने इस शिकायत पर भी एफआईआर दर्ज कर अजीम के खिलाफ हत्या की कोशिश से जुड़ी BNS की धाराओं में मामला दर्ज किया है.

दिप्रिंट ने उत्तर प्रदेश पुलिस के कई अधिकारियों से संपर्क किया, लेकिन उनकी ओर से कोई जवाब नहीं मिला. जवाब मिलने पर इस खबर को अपडेट किया जाएगा.

(इस रिपोर्ट को अंग्रेज़ी में पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें)


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