नई दिल्ली: लखनऊ में सत्येंद्र कुमार द्विवेदी के लिए सोमवार की सुबह आम दिनों की तरह शांत थी, तभी उनका फोन बजा. उन्होंने लगभग तुरंत फोन उठाया; यह आम बात नहीं थी. द्विवेदी को पता चला कि लखनऊ के एक प्राइवेट स्कूल में थर्ड क्लास में पढ़ने वालीं उनकी बेटी अपनी तय परीक्षा नहीं दे पाईं क्योंकि जिस वैन से वह स्कूल जा रही थीं, उस पर शहर के चरक क्रॉसिंग पर तीन मोटरसाइकिलों पर दो-दो की संख्या में सवार छह कांवड़ियों ने हमला कर दिया था.
वैन में एक मिशनरी स्कूल की करीब आधा दर्जन छात्राएं थीं. सुबह करीब 6 बजे इस वैन पर हमला किया गया.
द्विवेदी ने कहा, “ड्राइवर ने मुझे बताया कि कांवड़िए गाड़ी को ओवरटेक करने की कोशिश कर रहे थे. जब ड्राइवर ने परेशान होकर गाड़ी रोक दी, तो उन्होंने गालियां देना शुरू कर दिया और गाड़ी में तोड़फोड़ की.”
अपनी और बच्चों की जान को खतरा देखकर ड्राइवर ने माता-पिता को मौके पर बुलाना शुरू कर दिया. द्विवेदी ने कहा, “इनमें नर्सरी क्लास के बच्चे और पांचवीं-छठी कक्षा के कुछ बच्चे भी थे. वे सभी इतने डरे हुए और सदमे में थे कि उन्हें वापस घर लाना पड़ा. मेरी बेटी अपनी परीक्षा नहीं दे पाई.”
दिप्रिंट ने हमला की गई वैन में मौजूद छात्रों के दूसरे माता-पिता से भी संपर्क किया, लेकिन उनमें से किसी ने भी इस घटना के बारे में बात करने की इच्छा नहीं जताई.
मामले की जानकारी रखने वाले उत्तर प्रदेश के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, सोमवार सुबह करीब 6 बजे एक स्कूल वैन की मोटरसाइकिल से मामूली टक्कर हो गई थी. उन्होंने कहा, “चरक क्रॉसिंग के पास वैन के ड्राइवर ने ब्रेक लगाया था, तभी एक मोटरसाइकिल उससे टकरा गई. सवारों में से एक ने गाड़ी पर हमला किया और फिर वे मौके से भाग गए.”
कांवड़ियों ने अपनी खास पोशाक की वजह से पहचाने जाने के बाद कथित तौर पर स्कूल वैन के पीछे के शीशे और साइड के शीशों को अपने हाथों से तोड़ दिया.
दिप्रिंट स्वतंत्र रूप से जिस वायरल वीडियो की पुष्टि नहीं कर सका, उसमें एक महिला घटना की गवाह होने का दावा करती नज़र आ रही हैं. वीडियो में महिला का आरोप है कि कुछ लोगों के एक समूह ने जानबूझकर गाड़ी पर हमला किया और भागने से पहले गालियां दीं.
वीडियो में स्थानीय लोगों ने यह भी आरोप लगाया है कि कांवड़ियों ने पत्थर फेंके और शोर मचाए जाने के बावजूद पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की. इस बीच, असिस्टेंट सुपरिंटेंडेंट ऑफ पुलिस (एएसपी) शुभम कुमार ने कहा कि आरोपियों की पहचान सर्विलांस कैमरों की फुटेज और मोटरसाइकिलों की नंबर प्लेट के जरिए की गई है. कुमार ने कहा कि अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है और वैन ड्राइवर का बयान भी दर्ज कर लिया गया है. हालांकि, अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है. अधिकारी ने पत्थरबाजी के आरोपों से भी इनकार किया.
अधिकारी ने कहा, “टक्कर के बाद वैन ड्राइवर और उन लोगों के बीच गर्मागर्म बहस हुई. उनमें से कुछ लोगों ने गाड़ी पर हमला किया और उसके कुछ शीशे तोड़ दिए, जबकि अंदर नाबालिग लड़कियां मौजूद थीं. हालांकि, सर्विलांस कैमरे की फुटेज से पता चला है कि उन्होंने पत्थर नहीं फेंके.” उन्होंने यह भी कहा कि नाबालिग लड़कियों को कोई चोट नहीं आई.
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