नई दिल्ली: केंद्रीय गृह मंत्रालय (MHA) के तहत काम करने वाले इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर (I4C) ने क्लाउड आधारित वेब प्लेटफॉर्म GitHub से Bitchat ऐप का सोर्स कोड होस्ट करने वाले तीन पेज हटाने को कहा है. Bitchat एक ब्लूटूथ मेश मैसेजिंग ऐप है, जिसे Block के सीईओ और ट्विटर के सह-संस्थापक जैक डॉर्सी ने बनाया है. यह कार्रवाई ऐसे समय हुई है, जब जंतर-मंतर पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे प्रदर्शनकारी इस ऐप का इस्तेमाल कर रहे हैं.
डॉर्सी ने शुक्रवार को X पर इस आदेश की कॉपी शेयर की. उन्होंने दो पन्नों के नोटिस की तस्वीरें पोस्ट करते हुए लिखा, “…भारत सरकार को Bitchat जैसी तकनीक पसंद नहीं है और वह इसे हटवाना चाहती है.”
इस आदेश पर 23 जुलाई 2026, रात 11:16 बजे का समय दर्ज है.
यह आदेश सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की धारा 79(3)(b) और आईटी नियम, 2021 के नियम 3(1)(d) के तहत जारी किया गया है. इसमें permissionlesstech अकाउंट के तहत मौजूद तीन URL का जिक्र है. इनमें Bitchat रिपॉजिटरी, Bitchat Android रिपॉजिटरी और Android रिपॉजिटरी का रिलीज पेज शामिल है.
the government of india does not like technologies like bitchat and wants it taken down pic.twitter.com/gjzMg1NGCi
— jack (@jack) July 24, 2026
दिप्रिंट इस आदेश की सत्यता की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं कर सका.
दिप्रिंट ने I4C के सीईओ राजेश कुमार से फोन और मैसेज के जरिए संपर्क किया. उनका जवाब मिलने पर इस रिपोर्ट को अपडेट किया जाएगा.
GitHub, जो माइक्रोसॉफ्ट के स्वामित्व में है, एक कोड होस्टिंग सेवा है, जहां डेवलपर सॉफ्टवेयर प्रकाशित करते हैं और मिलकर उस पर काम करते हैं. Bitchat जैसे ओपन-सोर्स प्रोजेक्ट का सोर्स कोड भी यहीं रखा जाता है. यूजर ऐप का तैयार वर्जन रिलीज पेज से डाउनलोड करते हैं.
नोटिस के पैरा 5 में कहा गया है कि “GitHub को यह निर्देश दिया जाता है कि इस सूचना के जारी होने के तीन घंटे के भीतर संबंधित URL को हटाया जाए और उन तक पहुंच बंद की जाए. साथ ही किसी भी तरह से सबूतों से छेड़छाड़ न हो.”
आदेश में क्या कहा गया है
I4C ने नोटिस में कहा है कि उसने इन ऐप्स की पहचान ऐसे कम्युनिकेशन प्लेटफॉर्म के रूप में की है, जो मोबाइल नेटवर्क, इंटरनेट या किसी केंद्रीय सर्वर पर निर्भर हुए बिना ब्लूटूथ मेश नेटवर्क के जरिए विकेंद्रीकृत पीयर-टू-पीयर मैसेजिंग की सुविधा देते हैं.
नोटिस में कहा गया है कि इसका डिजाइन “कानून लागू करने वाली एजेंसियों के लिए कानूनी निगरानी, पहचान और जांच को काफी मुश्किल बना देता है.” साथ ही कहा गया है कि इस प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल “कानूनी निगरानी से बचने, गुमनाम तरीके से तालमेल बनाने और सार्वजनिक अशांति, दंगे, आतंकवाद, संगठित अपराध या इंटरनेट बंदी जैसी स्थिति में सक्षम अधिकारियों द्वारा लगाए गए कानूनी प्रतिबंधों को दरकिनार करने के लिए किया जा सकता है.”
आदेश में खुफिया जानकारी का हवाला देते हुए कहा गया है कि ऐसे प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल “गैरकानूनी भीड़ जुटाने, हिंसक प्रदर्शन, गलत जानकारी फैलाने, कट्टरपंथ फैलाने और आपराधिक साजिशों के लिए किया जा सकता है.”
इसमें यह भी कहा गया है कि किसी केंद्रीय सेवा प्रदाता के न होने से एजेंसियों के लिए यूजर की जानकारी या संचार रिकॉर्ड हासिल करना मुश्किल हो जाता है. आदेश में सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की धारा 43, 84B और 84C तथा भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 61 को धारा 196 और 197 के साथ पढ़ते हुए उल्लंघन का जिक्र किया गया है. इस पर हस्ताक्षर एक नामित नोडल अधिकारी के हैं, जिन्हें इंटरमीडियरी को नोटिस भेजने के लिए नियुक्त किया गया है.
प्रदर्शन में इस्तेमाल के बाद आया आदेश
यह नोटिस दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के आंदोलन के चौथे सप्ताह में आया है. पार्टी राष्ट्रीय प्रवेश परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रही है.
20 जुलाई को 10,000 से ज्यादा लोगों ने संसद तक मार्च करने की कोशिश की थी. CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने कहा कि पुलिस की आंसू गैस और लाठीचार्ज में 150 प्रदर्शनकारी घायल हुए. अगले दिन प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा, “हम दोबारा मार्च नहीं करेंगे क्योंकि पुलिस फिर से युवाओं को चोट पहुंचाएगी.”
राजधानी में प्रदर्शन स्थलों के आसपास मोबाइल इंटरनेट बंद किया गया और सिग्नल जैमर लगाए गए. इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने आपसी तालमेल के लिए Briar और Bitchat जैसे ऑफलाइन ब्लूटूथ मेश मैसेजिंग ऐप का इस्तेमाल शुरू कर दिया.
Bitchat ब्लूटूथ लो एनर्जी के जरिए एक फोन से दूसरे फोन तक सात हॉप तक संदेश भेज सकता है. इसके लिए फोन नंबर, अकाउंट या इंटरनेट कनेक्शन की जरूरत नहीं होती. इसका इस्तेमाल मेडागास्कर, युगांडा, नेपाल, इंडोनेशिया और ईरान में हुए प्रदर्शनों के दौरान भी किया गया है. अप्रैल में Apple ने चीन के साइबरस्पेस एडमिनिस्ट्रेशन के अनुरोध पर इसे अपने चीन ऐप स्टोर से हटा दिया था. वहां इसे सार्वजनिक राय या सामाजिक लामबंदी करने वाली सेवाओं से जुड़े नियमों का हवाला देकर हटाया गया था.
Android के लिए इसका कोड MIT लाइसेंस के तहत है, जबकि iOS के लिए इसे पब्लिक डोमेन में रखा गया है. GitHub पर इसकी 2,000 से ज्यादा कॉपी (फोर्क) बनाई जा चुकी हैं, जो इस आदेश के दायरे में नहीं आतीं. नोटिस में जिन तीन URL का जिक्र है, वे खबर लिखे जाने तक उपलब्ध थे. GitHub ने अभी तक यह नहीं बताया है कि वह इस आदेश का पालन करेगा या नहीं.
(इस रिपोर्ट को अंग्रेज़ी में पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें)
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