नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की पूर्व सांसद प्रज्ञा ठाकुर ने देश के “नेता” से अपील की है कि देश से “कॉकरोचों को खत्म करने का स्थायी इंतजाम” किया जाए.
एक्स पर किए गए एक पोस्ट में प्रज्ञा ठाकुर—जो 2008 मालेगांव ब्लास्ट मामले में मुख्य आरोपियों में शामिल थीं और पिछले साल NIA की विशेष अदालत से बरी हो गई थीं—ने लिखा कि पहले जहां भी कॉकरोच दिखाई देते थे, उन्हें झाड़ू से साफ कर दिया जाता था. लेकिन अब “झाड़ू” ने ही कॉकरोचों से दोस्ती कर ली है, इसलिए पूरे देश में गंदगी फैल रही है.
उन्होंने लिखा, “देश के नेता अब झाड़ू पर भरोसा न करें. कॉकरोचों को खत्म करने का स्थायी इंतजाम किया जाए. देश को साफ किया जाए.”
जहां #कॉकरोच पाए जाते थे उन्हें झाड़ू से मारकर बाहर फेंक दिया जाता था लेकिन अब झाड़ू ने कोकरोचो से दोस्ती कर ली तो देश में भयंकर गंदगी फैल रही है।अब देश के मालिक को चाहिए की झाड़ू पर भरोसा न करें। कॉकरोचों को मार कर फेंकने की स्थायी व्यवस्था करें।
देश को स्वच्छ बनाए।— Sadhvi Pragya Singh Thakur (@sadhvipragyag) July 24, 2026
प्रज्ञा ठाकुर पहले भी अपने बयानों को लेकर विवादों में रही हैं. उनका यह नया बयान ऐसे समय आया है, जब नीट-यूजी 2026 पेपर लीक को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के नेतृत्व में देशभर, खासकर नई दिल्ली में बड़े पैमाने पर प्रदर्शन हो रहे हैं. प्रदर्शनकारी केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं.
यह प्रदर्शन ऐसे समय हो रहा है, जब संसद का सत्र भी चल रहा है.
प्रदर्शन का एक प्रमुख चेहरा सोनम वांगचुक गुरुवार देर रात केंद्र सरकार से आश्वासन मिलने के बाद 26वें दिन अपना अनशन खत्म कर चुके हैं. हालांकि, CJP ने साफ किया है कि धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे तक आंदोलन जारी रहेगा.
इन प्रदर्शनों को लेकर मोदी सरकार पहले से ही दबाव में है और बीजेपी के कई नेताओं ने अब तक प्रज्ञा ठाकुर के इस बयान पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है.
वांगचुक ने केंद्र सरकार से सहमति बनने के बाद अपना अनशन खत्म किया. सरकार ने पेपर लीक के मामलों पर कार्रवाई, फास्ट-ट्रैक कोर्ट, दोषियों के लिए सख्त सजा वाला कानून लाने और प्रदर्शन कर रहे छात्रों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई नहीं करने का भरोसा दिया है.
2024 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने प्रज्ञा ठाकुर को टिकट नहीं दिया था.
2019 के लोकसभा चुनाव से पहले प्रज्ञा ठाकुर ने अशोक चक्र सम्मान से सम्मानित और महाराष्ट्र एंटी टेररिज्म स्क्वॉड (ATS) के प्रमुख रहे दिवंगत हेमंत करकरे की तुलना पौराणिक पात्र रावण और कंस से की थी.
26/11 मुंबई आतंकी हमले के दौरान करकरे शहीद हो गए थे. प्रज्ञा ठाकुर ने आरोप लगाया था कि करकरे ने उन्हें 2008 मालेगांव ब्लास्ट मामले में झूठा फंसाया था और कहा था कि “मेरे श्राप की वजह से उनकी मौत हुई.”
(इस रिपोर्ट को अंग्रेज़ी में पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें)
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