नयी दिल्ली, 22 अक्टूबर (भाषा) जामिया मिल्लिया इस्लामिया के छात्रों ने 2006 में भंग किए गए छात्र संघ को बहाल करने की मांग को लेकर बृहस्पतिवार को विश्वविद्यालय के गालिब लॉन में आम सभा की, जिसमें सैकड़ों छात्रों ने भाग लिया। छात्र संगठनों ने एक बयान में यह जानकारी दी।
नवगठित संगठन ‘यूनाइटेड स्टूडेंट्स ऑफ जामिया’ ने कहा कि कई छात्र संगठनों और छात्रों ने परिसर में जारी भूख हड़ताल और धरने का समर्थन करने के लिए यह बैठक बुलाई थी। इसका उद्देश्य छात्र संघ चुनावों की तारीख घोषित करने के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन पर दबाव बनाना था।
छात्र संगठनों ने कहा कि बैठक में बड़ी संख्या में छात्रों की भागीदारी छात्र संघ की बहाली के लिए संघर्ष जारी रखने के समर्थन को दर्शाती है।
यह घटनाक्रम जामिया प्रशासन द्वारा एक समिति गठित किए जाने के एक दिन बाद हुआ। समिति को जामिया मिल्लिया इस्लामिया छात्र संघ (जेएमआईएसयू) का संविधान तैयार करने और प्रदर्शन कर रहे छात्रों के खिलाफ की गई या शुरू की गई अनुशासनात्मक कार्रवाई की समीक्षा करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
छात्र कल्याण की डीन नीलोफर अफजल ने बृहस्पतिवार को विश्वविद्यालय के अधिकारियों को भेजे ईमेल में कहा कि कुलपति द्वारा गठित उच्चस्तरीय समिति और प्रदर्शनकारी छात्रों के बीच बातचीत के बाद प्रशासन ने ये दोनों कदम उठाए हैं।
उन्होंने कहा कि हालांकि, छात्र प्रस्तावित समाधान पर सहमत नहीं हुए हैं और परिसर में सामान्य स्थिति बहाल नहीं हुई है।
उन्होंने बताया कि जारी विरोध प्रदर्शन तथा छात्रों और आगंतुकों की सुरक्षा एवं कल्याण को लेकर चिंताओं के मद्देनजर विश्वविद्यालय ने अपना वार्षिक ‘तालीमी मेला 2026’ रद्द कर दिया है। यह मेला 29 अक्टूबर से एक नवंबर तक आयोजित होना था।
छात्र 12 अक्टूबर से विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। उनकी मांग है कि शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए जेएमआईएसयू चुनावों का कार्यक्रम घोषित किया जाए।
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राखी सुभाष
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