नयी दिल्ली, छह मार्च (भाषा) ईरान के उप विदेश मंत्री सईद खतीबजादेह ने शुक्रवार को कहा कि अमेरिका और इजराइल के साथ ईरान का टकराव अब तेहरान के लिए ‘अस्तित्व का युद्ध’ बन गया है।
उन्होंने अंतरराष्ट्रीय कानून के सिलसिले में ‘मनमानी’ करने के खिलाफ चेतावनी दी।
उन्होंने कहा कि अमेरिका और इजराइल ने ‘पूरी तरह से झूठ’ की बुनियाद पर ईरान पर हमला किया और तेहरान के पास इस आक्रामकता का ‘आखिरी गोली तक’ विरोध करने के अलावा कोई विकल्प नहीं है।
पश्चिम एशिया में युद्ध तेज हो गया है जिससे एक बड़े क्षेत्रीय संघर्ष की आशंकाएं पैदा हो गई हैं।
अमेरिकी पनडुब्बी द्वारा श्रीलंका के तट के पास एक ईरानी युद्धपोत का डुबोए जाने का हवाला देते हुए खतीबजादेह ने चेतावनी दी कि ‘‘बिना शस्त्र वाले जहाज पर हमले की सजा जरूर दी जाएगी।’’
ईरान के उप विदेश मंत्री ने ‘रायसीना संवाद’ में एक सत्र के दौरान और बाद में पत्रकारों के साथ बातचीत में ये टिप्पणियां कीं।
उन्होंने कहा, “सऊदी अरब से लेकर ओमान तक, सभी जानते हैं कि यह इजराइल का युद्ध है। इजराइल ने अमेरिकियों को इस युद्ध में घसीटा है क्योंकि उन्हें ‘ग्रेटर इज़राइल’ का भ्रम है। खाड़ी देशों को पता है कि इस युद्ध का उद्देश्य इजराइलियों को उस भ्रम को आगे बढ़ाने से रोकना है।
उन्होंने दलील दी, ‘‘क्या देशों के बीच समस्याओं के समय राष्ट्राध्यक्ष को निशाना बनाया जाना चाहिए? यह अभूतपूर्व है। अगर यह नया नियम बन जाता है, तो यह बेहद खतरनाक है।’’
अमेरिका ने 28 फरवरी को ईरान पर सैन्य हमले किए, जिसमें ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मृत्यु हो गई। इस सैन्य हमले के बाद, ईरान ने कई हमले किए, जिनमें मुख्य रूप से इज़राइल और खाड़ी देशों में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया। पिछले कुछ दिनों में संघर्ष और भी बढ़ गया है।
खतीबजादेह ने कहा, ‘‘यह ईरान के लिए अस्तित्व का युद्ध है। वे ईरान का अस्तित्व ही समाप्त करना चाहते हैं।’’
उन्होंने कहा, ‘‘हम प्रतिरोध करेंगे, और यह इतिहास में दर्ज होगा। ईरानी बलिदान दे रहे हैं क्योंकि ईरान के खिलाफ मनमानी और अमानवीय व्यवहार हो रहा है। यही हम कर रहे हैं। मुझे लगता है कि जिस क्षण वे आक्रामकता बंद करेंगे, इस क्षेत्र में एक नयी ऊर्जा का संचार होगा।’’
खतीबजादेह ने खामेनेई की हत्या की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा, ‘दुर्भाग्य से, अंतरराष्ट्रीय कानून के सिद्धांतों पर हमला किया गया है, और हमें इन अत्याचारों के खिलाफ एक साथ खड़ा होना होगा। अमेरिकियों ने दूसरे राज्य के प्रमुख की हत्या कर दी है। यदि यह नया मानदंड है।’’
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान में नेतृत्व बदलने की मांग के सवाल पर उन्होंने कहा, ‘कोई व्यक्ति जो न्यूयॉर्क का महापौर भी नहीं चुन सकता, वह ईरान के नेतृत्व पर अपनी बात रखना चाहता है।’
उन्होंने कहा, ‘वह (ट्रंप) घर में लोकतंत्र चाहते हैं लेकिन विदेशों में चुनी हुई सरकारों को गिराना चाहते हैं।’
खतीबजादेह ने कहा कि ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद नहीं किया है और ‘शिपिंग’ रोक दी गई है क्योंकि बीमाकर्ता अस्थिर क्षेत्र में जहाजों को कवर करने से इनकार कर रहे हैं।
भाषा राजकुमार तान्या अविनाश
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