मुंबई, 21 अप्रैल (भाषा) नौ सदस्यीय अंतरराज्यीय गिरोह ने निवेश के बदले भारी मुनाफे का लालच देकर मुंबई के एक कारोबारी से कथित तौर पर 3.25 करोड़ रुपये ऐंठ लिये और उसके साथ मारपीट की तथा जान से मारने की धमकी भी दी। पुलिस ने यह जानकारी दी।
विलेपार्ले थाने के एक अधिकारी ने बताया कि मुंबई, ओडिशा, बिहार और झारखंड के निवासी इन नौ आरोपियों में दो महिलाएं शामिल हैं।
अधिकारियों के अनुसार, पीड़ित की एक निजी कंपनी है और वह जुलाई 2025 में चार आरोपियों के संपर्क में आया था। इन आरोपियों ने खुद को ब्रोकर बताया और ‘आर्कशिप ग्रुप’ नामक कंपनी में निवेश करने पर मुनाफे का वादा किया।
उन्होंने बताया कि झांसे में आकर कारोबारी ने एक करोड़ रुपये ऑनलाइन अंतरित किए। बाद में उसे पता चला कि यह राशि ‘मानव धर्मयोग’ नामक एक एनजीओ के खाते में भेज दी गई है।
अधिकारी ने बताया कि जब पीड़ित ने इस पर सवाल उठाया, तो आरोपियों ने उसे और उसकी कंपनी के महाप्रबंधक को विले पार्ले में ‘वेस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे’ के पास एक होटल में बुलाया। वहां गिरोह के सदस्यों ने कथित तौर पर दोनों से मारपीट की और बंदूक के बल पर धमकाया।
उन्होंने बताया कि इसके बाद आरोपियों ने तीन करोड़ रुपये की फिरौती मांगी और धन राशि न देने पर जान से मारने की धमकी दी। जान के डर से व्यवसायी ने आरोपियों द्वारा बताए गए बैंक खातों में करीब 2.25 करोड़ रुपये ऑनलाइन माध्यम से अंतरित कर दिए।
धन राशि मिलने के बाद आरोपियों ने उसे छोड़ दिया, लेकिन पुलिस के पास जाने पर गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी। हालांकि, परिवार और दोस्तों की सलाह पर पीड़ित ने बाद में पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
शिकायत की जांच के बाद पुलिस ने हाल में नौ आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात, जबरन वसूली, गंभीर चोट पहुंचाने और जान से मारने की धमकी देने सहित विभिन्न धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की है।
अधिकारियों ने बताया कि मामले को जांच के लिए मुंबई अपराध शाखा को सौंप दिया गया है और प्रारंभिक जांच से संकेत मिले हैं कि आरोपी एक बड़े अंतरराज्यीय नेटवर्क का हिस्सा हो सकते हैं।
भाषा खारी शोभना
शोभना
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