इंदौर (मध्यप्रदेश), 30 जनवरी (भाषा) इंदौर की जिला अदालत ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के स्थानीय सांसद शंकर लालवानी को 2019 के पिछले लोकसभा चुनाव के दौरान आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन के मामले में आरोपों से बरी कर दिया है।
यह मामला शहर के खजराना मंदिर में भगवान गणेश की मूर्ति को कथित रूप से भाजपा के झंडे और इस दल के चुनाव चिन्ह वाले वस्त्र चढ़ाने से जुड़ा है।
विशेष न्यायाधीश सुरेश यादव ने सोमवार को सुनाए फैसले में लालवानी को ‘संदेह का लाभ’ दिया और धार्मिक संस्था दुरुपयोग निवारण अधिनियम के संबद्ध प्रावधानों के तहत लगाए गए आरोपों से मुक्त किया।
सांसदों और विधायकों से जुड़े मामलों की सुनवाई करने वाली विशेष अदालत ने अपने फैसले में कहा कि लालवानी के खिलाफ लगाए गए आरोपों को युक्तियुक्त संदेह से परे प्रमाणित करने में अभियोजन पक्ष नाकाम रहा है।
खजराना मंदिर के पुजारियों और अन्य प्रमुख गवाहों ने अदालत में अभियोजन के दावों का समर्थन नहीं किया, जबकि लालवानी ने कहा कि उन्हें ‘‘राजनीतिक द्वेष’’ के कारण झूठे मामले में फंसाया गया था।
इस मामले से जुड़ा कथित वीडियो सामने आने के बाद कांग्रेस ने राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी से शिकायत की थी कि पिछले लोकसभा चुनावों के दौरान इंदौर क्षेत्र से भाजपा प्रत्याशी लालवानी ने 29 अप्रैल 2019 को अपना नामांकन भरने से पहले खजराना मंदिर में भगवान गणेश की मूर्ति को भाजपा के झंडे वाले वस्त्र चढ़ाए थे जिन पर इस पार्टी का चुनाव चिन्ह कमल का फूल भी बना हुआ था।
शिकायत के तूल पकड़ने के बाद प्रशासन ने खजराना थाने में लालवानी के खिलाफ आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन का मामला दर्ज कराया था।
भाषा हर्ष राजकुमार
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