नई दिल्ली: गुरुवार को दिल्ली पुलिस की समीक्षा बैठक के दौरान केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन ने राजधानी में जबरन वसूली की कॉल पर कार्रवाई, ट्रैफिक व्यवस्था में सुधार और नशीले पदार्थों की बिक्री और उसके सिंडिकेट सिस्टम से निपटने को प्रमुख प्राथमिकताओं में रखा.
मोहन की अध्यक्षता में हुई यह समीक्षा बैठक गुरुवार दोपहर 90 मिनट से ज्यादा चली. 17 जुलाई को अनुराग कुमार के दिल्ली पुलिस प्रमुख बनने के बाद यह इस तरह की पहली बैठक थी. कुमार और सभी स्पेशल पुलिस कमिश्नर बैठक में मौजूद थे. मोहन ने प्राथमिकताएं बताईं, जबकि वरिष्ठ अधिकारियों ने उन्हें इन खास क्षेत्रों में चल रहे अभियानों और कार्रवाई की स्थिति के बारे में जानकारी दी.
इंटेलिजेंस ब्यूरो के निदेशक महेश दीक्षित भी समीक्षा बैठक में शामिल हुए.
मामले की जानकारी रखने वाले एक अधिकारी ने दिप्रिंट को बताया, “उन्होंने पुलिस को तुरंत प्रभाव से काम करने के लिए सरकार के लक्ष्य बताए.”
सूत्रों ने बताया कि स्पेशल कमिश्नर स्तर के एक अधिकारी ने राष्ट्रीय राजधानी की सभी यूनिट और जिलों में दर्ज अपराधों की संख्या और मामलों में जांच की स्थिति का डेटाबेस पेश किया. एक अन्य अधिकारी ने कहा, “डेटा से साफ पता चलता है कि पिछले साल की तुलना में जबरन वसूली की कॉल की संख्या में कमी आई है.”
मोहन ने अधिकारियों से जबरन वसूली के मामले में प्रदर्शन में और सुधार लाने को कहा. ऊपर बताए गए अधिकारी ने कहा, “इस बात का भी जिक्र हुआ कि लोग जबरन वसूली की कॉल की जानकारी पुलिस को नहीं देते हैं. इससे अपराध का जल्दी पता लगाने में चुनौती आती है.”
ट्रैफिक के मुद्दे पर गृह सचिव ने अधिकारियों से कहा कि ट्रैफिक जाम की समस्या को दूर करने के लिए छोटे लेकिन अहम जाम वाले स्थानों की पहचान का काम जल्दी पूरा किया जाए. सूत्रों ने कहा कि हाल ही में राजधानी में हुए BRICS सम्मेलन के दौरान ट्रैफिक व्यवस्था संभालने के लिए दिल्ली पुलिस को कुछ प्रशंसा भी मिली थी.
नशीले पदार्थों के मुद्दे पर सूत्रों ने बताया कि गृह सचिव ने अवैध नशीले पदार्थ बनाने में इस्तेमाल होने वाले जरूरी पदार्थों और कच्चे माल को बनाने वाली यूनिटों के बारे में बेहतर खुफिया जानकारी जुटाने पर जोर दिया. सूत्र ने आगे कहा, “गृह सचिव ने ड्रग कंट्रोल पर विजन डॉक्यूमेंट (2026–2029) का पालन करने पर जोर दिया.”
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