कोलकाता: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने विधानसभा चुनाव नतीजों के बाद मंगलवार को भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) और चुनाव आयोग पर तीखा हमला बोला. उन्होंने कहा कि वह इस्तीफा नहीं देंगी और राजभवन नहीं जाएंगी, क्योंकि “हम चुनाव हारे नहीं हैं, नैतिक रूप से हमारी जीत हुई है.”
ममता बनर्जी ने कहा, “मैं इस्तीफा नहीं दूंगी, मैं राजभवन नहीं जाऊंगी. सवाल ही नहीं उठता. वे चुनाव आयोग के जरिए हमें हरा सकते हैं, लेकिन नैतिक रूप से हमने चुनाव जीता है.”
उन्होंने चुनाव आयोग को “विलेन” बताते हुए आरोप लगाया कि लोकतांत्रिक अधिकारों को छीना गया और ईवीएम में गड़बड़ी की गई. उन्होंने सवाल उठाया कि मतदान के बाद ईवीएम में 80-90 प्रतिशत बैटरी कैसे बची रह सकती है.
टीएमसी प्रमुख ने आरोप लगाया कि चुनाव से पहले अधिकारियों का तबादला किया गया और बीजेपी ने चुनाव आयोग के साथ मिलकर “गंदा खेल” खेला. उन्होंने कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान 90 लाख मतदाताओं के नाम हटाए गए, जिनमें से 32 लाख नाम कोर्ट के दखल के बाद जोड़े गए.
ममता बनर्जी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह पर भी चुनाव प्रक्रिया में दखल देने का आरोप लगाया.
उन्होंने दावा किया कि मतगणना के दौरान हिंसा हुई और टीएमसी कार्यकर्ताओं को पीटा गया. उन्होंने कहा कि वह खुद भी हमले का शिकार हुईं. “मुझे धक्का दिया गया, पेट और पीठ पर मारा गया, उस समय सीसीटीवी भी बंद था,” उन्होंने आरोप लगाया.
ममता ने कहा कि वह अपने निर्वाचन क्षेत्र में करीब 30 हजार वोटों से आगे थीं, लेकिन बाद में हालात बदले. उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी के लोग और सुरक्षाबल गिनती केंद्र में घुस आए और उनके एजेंटों को बाहर कर दिया गया.
चुनाव नतीजों के बाद ममता बनर्जी ने विपक्षी नेताओं के समर्थन का भी ज़िक्र किया. उन्होंने कहा कि सोनिया गांधी, राहुल गांधी, अरविंद केजरीवाल, उद्धव ठाकरे, अखिलेश यादव, तेजस्वी यादव और हेमंत सोरेन ने उन्हें फोन कर समर्थन जताया है.
उन्होंने कहा कि अब वह “एक आम नागरिक” के तौर पर इंडिया गठबंधन को मजबूत करेंगी. “मेरे पास अब कोई पद नहीं है, मैं एक आम इंसान हूं. मैं अब आज़ाद हूं और लोगों के लिए काम करूंगी,” उन्होंने कहा.
ममता बनर्जी ने हिंसा की जांच के लिए 10 सदस्यीय फैक्ट-फाइंडिंग कमेटी बनाने का भी ऐलान किया. उन्होंने आरोप लगाया कि टीएमसी मुख्यालय पर हमला हुआ और उनके भतीजे अभिषेक बनर्जी के दफ्तर पर पत्थरबाजी की गई.
वहीं, चुनाव नतीजों में बीजेपी ने 206 से ज्यादा सीटें जीतकर ऐतिहासिक जीत दर्ज की है, जबकि 15 साल से सत्ता में रही तृणमूल कांग्रेस 80 सीटों पर सिमट गई.
बीजेपी अब राज्य में अपनी पहली सरकार बनाने की तैयारी कर रही है और 9 मई को शपथ ग्रहण समारोह होने की संभावना है.