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Tuesday, 5 May, 2026
होमरिपोर्टमध्य प्रदेश कैबिनेट ने 38,555 करोड़ के प्रस्तावों को मंजूरी दी, ट्रेडर्स वेलफेयर बोर्ड बनाने का फैसला

मध्य प्रदेश कैबिनेट ने 38,555 करोड़ के प्रस्तावों को मंजूरी दी, ट्रेडर्स वेलफेयर बोर्ड बनाने का फैसला

इन्फ्रास्ट्रक्चर, कृषि और सामाजिक योजनाओं को बढ़ावा; व्यापारियों की समस्याएं सुलझाने के लिए नया बोर्ड बनेगा.

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भोपाल: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को भोपाल स्थित सचिवालय में हुई कैबिनेट बैठक में 38,555 करोड़ रुपये के कई अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी गई. इन प्रस्तावों का मकसद राज्य में इन्फ्रास्ट्रक्चर, कृषि, सामाजिक कल्याण और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देना है.

बैठक में मंत्रिपरिषद ने राज्य में ट्रेडर्स वेलफेयर बोर्ड बनाने का भी फैसला किया. इसके साथ ही जिला स्तर पर समितियां भी बनाई जाएंगी, ताकि व्यापारियों की समस्याओं का जल्दी समाधान हो सके और सरकार व व्यापारियों के बीच सीधा संवाद स्थापित किया जा सके.

मुख्यमंत्री मोहन यादव इस बोर्ड के चेयरमैन होंगे. इसमें वित्त, कृषि, स्वास्थ्य, ऊर्जा, पर्यटन और उद्योग विभागों के प्रतिनिधि शामिल होंगे. इसके अलावा RBI, NABARD, NHAI और FSSAI जैसी राष्ट्रीय संस्थाओं के साथ-साथ CII, FICCI, DICCI, FIEO और लघु उद्योग भारती जैसे उद्योग संगठनों के प्रतिनिधि भी इसमें शामिल किए जाएंगे.

यह बोर्ड हर तीन महीने में बैठक करेगा, जबकि जिला स्तर की समितियां हर महीने बैठक करेंगी, ताकि योजनाओं का सही तरीके से लागू होना और शिकायतों का निपटारा सुनिश्चित किया जा सके.

कैबिनेट के अहम फैसलों में सबसे बड़ा आवंटन 32,405 करोड़ रुपये का है, जो 2026 से 2031 तक 16वें वित्त आयोग अवधि के दौरान सड़कों के निर्माण, ग्रामीण सड़कों के उन्नयन और सरकारी आवासों के रखरखाव पर खर्च किया जाएगा.

कृषि क्षेत्र को मजबूत करने के लिए कैबिनेट ने ‘मिशन आत्मनिर्भरता इन पल्सेस’ के तहत 2,442.04 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं. यह योजना 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक लागू होगी और इसका उद्देश्य दलहन उत्पादन बढ़ाना है. इसके लिए किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग को जरूरी दिशा-निर्देश जारी करने की जिम्मेदारी दी गई है.

इसके अलावा महिला एवं बाल विकास विभाग के तहत नए आंगनवाड़ी केंद्रों के निर्माण और ‘मिशन वात्सल्य’ के बेहतर संचालन के लिए 2,412 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं. वहीं, आईटी और इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के लिए 1,295.52 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है.

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