Saturday, 28 May, 2022
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कोविड-19 महामारी से निपटने के लिए लॉकडाउन कितना प्रभावी है

कोरोनावायरस के संकट के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत के लोगों से 'जनता कर्फ्यू' का आह्वान किया है. दिप्रिंट आपको बता रहा है कि कुछ सबसे ज्यादा प्रभावित देशों में लॉकडाउन का आखिर मतलब क्या है.

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नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार रात को देशवासियों से रविवार को ‘जनता कर्फ्यू’ का आह्वान किया और लोगों से अपने घरों में रहने को और भारत को कोरोनावायरस महामारी के मद्देनज़र आगामी कुछ हफ्तों के लिए तैयार रहने के लिए कहा.

जब भारत एक दिन के लिए बंद होने जा रहा है ऐसे में अत्यधिक प्रभावित देशों ने कोरोनावायरस के फैलाव को रोकने के लिए लंबे समय तक के लिए कई तरह की पाबंदी लगाई है.

चीन के वुहान से शुरू हुए कोरोनावायरस को देखते हुए प्रशासन ने शहर में 23 जनवरी को कई तरह की कड़ी पाबंदियां लगाई. इन सख्त उपायों से देखा गया कि वायरस का फैलाव थमा है.

पिछले तीन महीनों में गुरुवार को पहली बार चीन में कोविड-19 का कोई भी मामला सामने नहीं आया. चीन में मिली सफलता दूसरे देशों को देखनी चाहिए.

भारत में कर्नाटक के कलबुर्गी में 76 वर्षीय व्यक्ति की कोविड-19 से पहली मृत्यु हुई थी. व्यक्ति प्रसिद्ध काज़ी था और वो अपनी मौत से पहले कई लोगों से मिला था. उस क्षेत्र के 640 लोगों को कड़े क्वारेंटाइन में रखा गया है और क्षेत्र में सीआरपीसी की धारा-133 और धारा-144 लगी दी गई है.

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हालांकि अभी तक सामूहिक फैलाव का कोई मामला नहीं आया है. प्रधानमंत्री द्वारा गुरुवार को दिए राष्ट्र के नाम संबोधन में इस तरफ इशारा किया गया कि देश के लोगों को लॉकडाउन के लिए तैयार रहने की जरूरत है.

दूसरे देशों में लॉकडाउन का क्या मतलब है यहां नज़र डालिए.

चीन

वुहान में, सरकार ने एक ‘क्लोस्ड ऑफ मैनेजमेंट’ को नियोजित किया, जिसमें चीन के भीतर व्यक्तिगत यात्रा के लाखों लाइसेंस जारी करना शामिल था, जिनमें से कुछ का नारा था, ‘इस वायरस से लड़ने की जिम्मेदारी है’.

प्रशासन ने छह हफ्तों के लिए स्थानीय यात्रा और फूड डिलीवरी पर प्रतिबंध लगा दिया है. सभी कम्युनिटी एंट्रेंस पर स्क्रीन्ड व्हीकल्स और टेस्टेड बॉडी टेम्प्रेचर किया जा रहा है.


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कुछ शहरों में कर्मचारी घरों तक खाना पहुंचाने के लिए बड़े स्तर पर जुटे थे. लोगों को खरीददारी करने की इजाजत तभी दी जा रही है जब उनके पास परमिट हो. दुकानें भी निश्चित समय के लिए ही खुल रही हैं.

जबकि बहुत सारी पाबंदियां अब हटा ली गई हैं, ऐसे में कुछ और उपाय भी किए जा रहे हैं जैसे एलिवेटर में चार से ज्यादा लोगों को इजाजत नहीं है.

इटली

इटली सबसे ज्यादा प्रभावित शहर है जहां कोरोनावायरस से चीन से भी ज्यादा मौतें हो चुकी हैं. 8 मार्च को इटली ने अपने उत्तरी क्षेत्र को पूरी तरह से बंद कर दिया जो कि बुरी तरह से प्रभावित है. इसके दो दिन बाद पाबंदियों को पूरे देश तक बढ़ा दी गई.

60 मिलियन लोगों की आवाजाही पर प्रतिबंध लगा दिया गया है. लोग सिर्फ आवश्यक कामों के लिए और इमरजेंसी स्वास्थ्य जरूरतों के लिए बाहर जा सकते हैं.

जो लोग कोविड-19 से संक्रमित है वो किसी भी कारण से घर से नहीं निकल सकते हैं और जिन्हें इसके लक्षण हैं उन्हें घर पर ही रहने को कहा गया है.

सार्वजनिक और निजी कंपनी को अपने कर्मचारियों को छुट्टी पर भेजने को कहा गया है जबकि स्कूल और विश्वविद्यालय बंद हैं और सभी परीक्षाएं रद्द हो गई हैं. सुपरमार्केट्स और फार्मेसी की दुकानें खुली हैं. शादी, बैपटिज्म और अंतिम संस्कार को बैन कर दिया गया है.

सार्वजनिक जगहों पर लोगों के जमा होने पर पाबंदी लगा दी गई है. संग्रहालय और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की जगहों को बंद कर दिया गया है. नाइटक्लब्स,सिनेमा हॉल, थिएटर और कैसिनो को बंद कर दिया गया है. देशभर के स्विमिंग पूल्स, स्पॉ, स्पोर्ट्स हॉल्स और स्काई रिजॉर्ट बंद पड़े हैं.

फ्रांस

17 मार्च को फ्रांस के राष्ट्रपति इमैन्यूएल मैक्रां ने देश में सार्वजनिक जिंदगी में पाबंदियं की घोषणा की. कैफे, बार, रेस्टोरेंट और दुकानों को पिछले शनिवार को बंद करने के आदेश दिए थे.

देश में कई जगह लॉकडाउन सुचारु रुप से चले इसके लिए चैकपोस्ट बनाए गए हैं. लोगों को उनके घरों के बाहर ही रोक दिया जा रहा है और घर से बाहर निकलने के लिए वाजिब कारण के साथ दस्तावेज मांग जा रहे हैं.


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दस्तावेज़ में फ्रांसीसी निवासियों को यह घोषित करने की आवश्यकता होती है कि उन्होंने किसी कारण के लिए बाहर कदम रखा है, जिसमें कुत्ते को बाहर ले जाना और दूसरी गतिविधियां शामिल हैं.

जो भी पाबंदियों का उल्लंघन करेगा उसे 38 से 135 यूरो का हर्जाना देना पड़ेगा.

स्पेन

इटली के बाद स्पेन यूरोप का सबसे ज्यादा प्रभावित देश है जहां 830 मौतें अभी तक हो चुकी हैं. एक दिन में 1500 से ज्यादा नए मामले सामने आने के बाद स्पेन की सरकार ने 4 मार्च को पूरी तरह से लॉकडाउन कर दिया है.

लोगों को सिर्फ खाना और दवाइयां खरीदने के लिए बाहर जाने की इजाजत है. सभी रेस्टोरेंट, बार, हॉटल्स और विश्वविद्यालय बंद कर दिए गए हैं.

सरकार के पास ये भी शक्ति है कि वो निजी अस्पतालों को नियंत्रित कर सकती हैं. स्थानीय प्रशासन को कहा गया है कि वो हॉटल्स को अस्थायी वार्ड्स में बदल दें.

अमेरिका

कैलिफोर्निया में छह लोगों की मौत के बाद आंशिक लॉकडाउन कर दिया गया है.

सभी बार और जिम को बंद कर दिया गया है. हालांकि ग्रोसरी स्टोर्स, फार्मेसी, रेस्टोरेंट, गैस स्टेशन वहां खुले रहेंगे.

लोगों के जमा होने और यात्रा पर प्रतिबंध लगा दिया गया है.

आवश्यक यात्रा में किराने की दुकान पर जाना, स्वास्थ्य सेवा तक पहुंचना या परिवार या दोस्तों को सहायता प्रदान करना शामिल है. हवाईअड्डे, टैक्सियां और सार्वजनिक पारगमन जारी रहेंगे, लेकिन यात्रा के किसी भी मोड का उपयोग करने वालों से सामाजिक दूरी का अभ्यास करने की उम्मीद की जा रही है.

(इस खबर को अंग्रेज़ी में पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें)

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