नयी दिल्ली, 31 अक्टूबर (भाषा) कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने शनिवार को 1947 की एक दुर्लभ तस्वीर साझा की, जिसमें इंदिरा गांधी तत्कालीन उप प्रधानमंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल का अभिवादन करती नजर आ रही हैं।
रमेश ने कहा कि ‘‘इतिहास को विकृत करने वाले’’ पटेल के प्रति इंदिरा गांधी के गहरे सम्मान और प्रशंसा को मिटा नहीं सकते।
कांग्रेस नेता ने पटेल की जयंती और इंदिरा गांधी की पुण्यतिथि पर दोनों नेताओं को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि दोनों दृढ़ निश्चयी और अदम्य व्यक्तित्व थे तथा दोनों ने उपमहाद्वीप के भूगोल और इतिहास को नया आकार दिया।
उन्होंने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर कहा, ‘‘दो भारतीय, दोनों अदम्य और दृढ़ निश्चयी। दोनों ने उपमहाद्वीप के भूगोल और इतिहास को आकार दिया।’’
रमेश ने पटेल को याद करते हुए कहा, ‘‘आज हम भारत की आजादी के एक प्रमुख शिल्पकार की 151वीं जयंती मना रहे हैं, जिन्होंने भारत की एकता को वास्तविक स्वरूप दिया। उन्होंने दशकों बाद आई श्वेत क्रांति को भी प्रेरित किया।’’
इंदिरा गांधी को श्रद्धांजलि देते हुए उन्होंने कहा कि आज एक अत्यंत साहसी और दूरगामी प्रभाव वाली शख्सियत की 42वीं पुण्यतिथि भी है, जिन्होंने स्वतंत्र भारत को परमाणु और अंतरिक्ष शक्ति के रूप में मजबूत बनाया तथा अपने जीवनकाल में हरित क्रांति को गति दी।
रमेश ने जो तस्वीर साझा की, उसमें इंदिरा गांधी पटेल का अभिवादन करती दिखाई दे रही हैं और तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू पास खड़े हैं।
उन्होंने कहा कि यह तस्वीर नवंबर 1947 की शुरुआत में नयी दिल्ली में आयोजित उस समारोह की है, जिसकी मेजबानी प्रधानमंत्री ने अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन (आईएलओ) के एशियाई क्षेत्रीय सम्मेलन के प्रतिनिधियों के लिए की थी।
उन्होंने कहा कि तस्वीर में 30 वर्षीय इंदिरा गांधी 72 वर्षीय उप प्रधानमंत्री पटेल का अभिवादन करती नजर आ रही हैं।
रमेश ने कहा, ‘‘इतिहास को विकृत करने वाले सरदार पटेल के प्रति इंदिरा गांधी के गहरे सम्मान और प्रशंसा को मिटा नहीं सकते। उन्होंने पटेल की जन्मशती पर दिल से अपने विचार व्यक्त किए थे।’’
उन्होंने कहा कि पटेल की प्रतिमा का अनावरण नेहरू ने स्वयं 13 फरवरी 1949 को गोधरा में किया था।
पटेल का जन्म 31 अक्टूबर 1875 को गुजरात के नडियाद में हुआ था और 15 दिसंबर 1950 को उनका निधन हुआ। स्वतंत्रता के बाद वह देश के पहले गृह मंत्री बने और 560 से अधिक रियासतों के भारतीय संघ में विलय में उनकी अहम भूमिका रही।
भारत की पहली और अब तक की एकमात्र महिला प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की 31 अक्टूबर 1984 को उनके अंगरक्षकों ने हत्या कर दी थी। उनका जन्म 19 नवंबर 1917 को हुआ था।
भाषा हक रंजन
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