नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस ने रविवार को चार ऐसे लोगों को गिरफ्तार किया, जो शनिवार को कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के ‘जंतर मंतर 2.0’ आंदोलन के दौरान प्रदर्शनकारियों के साथ मारपीट करते दिखाई दिए थे. ये चारों लोग हिंदू रक्षा दल नाम के एक छोटे दक्षिणपंथी हिंदू संगठन के एक गुट से जुड़े हैं. शनिवार को इन लोगों के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गए थे. इन वीडियो ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ होने वाले प्रदर्शन को रोकने के लिए सरकार की तरफ से की गई बड़ी कार्रवाई को लेकर जनता की नाराजगी और बढ़ा दी.
इन चारों लोगों की पहचान रमन सैनी (50), विवेकानंद (32), कपिल कुमार (27) और रविंदर सिंह उर्फ गोविंद हिंदू के रूप में हुई है. ये सभी दिल्ली-NCR के रहने वाले हैं और हिंदू रक्षा दल के भूपेंद्र तोमर के नेतृत्व वाले गुट से जुड़े हैं. भूपेंद्र तोमर को पिंकी चौधरी के नाम से भी जाना जाता है.
वीडियो और सोशल मीडिया पोस्ट से मिले सुरागों के आधार पर दिल्ली पुलिस ने चारों आरोपियों की पहचान की और उनके ठिकानों का पता लगाकर उन्हें गिरफ्तार कर लिया.
दिल्ली पुलिस के एक प्रवक्ता ने कहा, “सोशल मीडिया पर एक वीडियो सामने आया था, जिसमें चार लोग कथित तौर पर एक पुरुष प्रदर्शनकारी के साथ मारपीट करते दिखाई दे रहे थे. इस वीडियो का खुद संज्ञान लेते हुए दिल्ली पुलिस के कमला मार्केट थाने ने तुरंत कार्रवाई की और कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी.”
हिंदू रक्षा दल ने मारपीट की घटना पर गर्व जताया
शनिवार दोपहर दीन दयाल उपाध्याय मार्ग पर मारपीट की यह घटना हुई थी. इसका वीडियो बनाया गया था और चौधरी ने सोशल मीडिया पर इस घटना को स्वीकार भी किया.
चौधरी ने X पर कहा, “ये हिंदू रक्षा दल के मेरे कार्यकर्ता हैं. यह ऐसा संगठन है, जो अपने वादे पूरे करता है. हिंदू रक्षा दल में किसी भी ‘कॉकरोच’ को सीधा करने की ताकत है और वह लगातार ऐसा करता रहेगा.”
शनिवार को चौधरी ने कई वीडियो पोस्ट किए थे. इनमें उनके संगठन के सदस्य और समर्थक मध्य दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में जुटे प्रदर्शनकारियों से बहस करते और उनका सामना करते दिखाई दे रहे थे. जब CJP नेतृत्व ने प्रदर्शन का ऐलान किया था, तब चौधरी ने धमकी दी थी कि वह जंतर-मंतर पर मौजूद रहेगा. हालांकि, उसे उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में उसके घर पर ही हिरासत में ले लिया गया था.
मारपीट के एक वीडियो में दिल्ली पुलिस के जवान भी दिखाई दिए थे. इसके बाद आरोप लगे कि मारपीट करने वालों को पुलिस का समर्थन हासिल था.
CJP ने X पर एक बयान में कहा, “दिल्ली पुलिस की मौजूदगी में BJP-RSS के गुंडे एक युवती को पीट रहे हैं. एक पुलिस अधिकारी उन्हें कथित तौर पर रिकॉर्डिंग बंद कराने का निर्देश देता हुआ दिखाई दे रहा है. शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों की सुरक्षा करने के बजाय दिल्ली पुलिस गुंडों को उन पर हमला करने में मदद क्यों कर रही है? उन्हें ऐसा करने की खुली छूट किसने दी?”
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