मुंबई, 10 जनवरी (भाषा) उच्चतम न्यायालय ने मंगलवार को कहा कि वह शिवसेना के विरोधी धड़ों की याचिकाओं पर 14 फरवरी को सुनवाई शुरू करेगी। इस पर महाराष्ट्र में विपक्ष के नेता अजित पवार ने कहा कि अब ‘तारीख पर तारीख’ मिलेगी।
उन्होंने कहा कि शरद पवार नीत राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) और कांग्रेस की सहयोगी शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) शीर्ष अदालत में अपने वकीलों के माध्यम से मामले को प्रस्तुत कर रही है।
न्यायालय ने कहा कि वह पिछले साल जून में शिवसेना के विघटन से महाराष्ट्र में पैदा हुए राजनीतिक संकट से संबंधित याचिकाओं पर 14 फरवरी को सुनवाई शुरू करेगी।
प्रधान न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पांच न्यायाधीशों की संविधान पीठ के समक्ष उद्धव ठाकरे नीत शिवसेना की ओर से पक्ष रख रहे वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने कहा कि वह मामलों को सात न्यायाधीशों की पीठ को भेजने का अनुरोध करेंगे ताकि अयोग्यता संबंधी याचिकाओं से निपटने के विधानसभा अध्यक्ष के अधिकारों पर 2016 के फैसले पर पुनर्विचार किया जा सके।
शीर्ष अदालत के घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए अजित पवार ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘तारीख पर तारीख होने वाली हैं। यह उनका (अदालत का) अधिकार है। क्या कोई न्यायपालिका से इस बारे में पूछ सकता है?’’
पवार ने कहा कि शिवसेना (उद्धव ठाकरे) अपने वकीलों के माध्यम से अपना पक्ष रख रही है और सुनवाई की तारीख और फैसले की तारीख तय करना शीर्ष अदालत का विशेषाधिकार है।
राज्य विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष ने कहा, ‘‘यह पूरी तरह उनका (न्यायालय का) अधिकार है। हम यह भी देख रहे हैं कि छह महीने हो गये (शिवसेना में विद्रोह को) और तारीखें दी जा रही हैं। अब उन्हें 14 फरवरी की अगली तारीख दी गयी है।’’
उद्धव नीत शिवसेना के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सदस्य संजय राउत ने कहा कि चूंकि सुनवाई की तारीख 14 फरवरी (वेलेंटाइन्स डे की तारीख) है, इसलिए ’’सबकुछ प्यार के साथ होगा’’।
उन्होंने संवाददाताओं से कहा, ‘‘14 फरवरी से संविधान पीठ बिना किसी ब्रेक के मामले में सुनवाई करेगी। यह हमारे लिए बहुत महत्वपूर्ण है।’’
भाषा वैभव माधव
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