चंडीगढ़, 27 फरवरी (भाषा) हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने विपक्ष द्वारा लगाए गए धान खरीद में 5,000 करोड़ रुपये के घोटाले के आरोप को खारिज करते हुए शुक्रवार को कहा कि विपक्ष को निराधार आरोप लगाने के बजाय विधानसभा के समक्ष सबूत पेश करना चाहिए।
सैनी ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि उनके पास कोई ठोस मुद्दा नहीं है और वे 5,000 करोड़ रुपये के घोटाले के आरोप लगाकर विधानसभा को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं।
बी बी बत्रा और अशोक अरोड़ा समेत कांग्रेस विधायकों ने ध्यानाकर्षण प्रस्ताव देकर आरोप लगाया था कि चावल मिल मालिकों, कमीशन एजेंट, परिवहन ठेकेदारों और सरकारी अधिकारियों ने ‘‘5,000 करोड़ रुपये के धान घोटाले’’ में मिलीभगत की है। इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) के सदस्यों आदित्य देवी लाल और अर्जुन चौटाला ने भी संबंधित मुद्दे पर ध्यानाकर्षण नोटिस दिया था। अध्यक्ष ने दोनों नोटिस को जोड़ दिया जिन पर सरकार ने अपना जवाब दिया।
मुख्यमंत्री सैनी ने स्पष्ट किया कि हरियाणा में धान खरीद भारत सरकार के दिशानिर्देशों के अनुरूप अधिकृत एजेंसियों के माध्यम से सख्ती से की जाती है और इसकी निगरानी एक मजबूत एवं बहु-स्तरीय प्रणाली के तहत होती है।
सैनी ने कहा कि 5,000 करोड़ रुपये के घोटाले का आरोप पूरी तरह निराधार है।
सैनी ने कहा कि यदि फर्जी पर्चियां, दोहरी प्रविष्टियां या अन्य अनियमितताओं की कोई भी घटना सामने आई है तो सरकार ने त्वरित और कड़ी कार्रवाई की है।
उन्होंने कहा कि पहले अनियमितताएं जारी रहती थीं और कोई पकड़ा नहीं जाता था, लेकिन नयी प्रणाली के तहत यदि कोई भी अनियमितता पकड़ी जाती है और सख्त कार्रवाई की जाती है।
सैनी ने कहा कि अनियमितताओं को रोकने के लिए ई-खरीदारी पोर्टल के व्यापक उन्नयन समेत कई कदम उठाए जा रहे हैं।
सैनी ने विपक्ष के कुछ सदस्यों द्वारा फसल आवक और खरीद के आंकड़ों में अंतर को लेकर चिंता जताए जाने पर स्पष्ट किया कि किसी भी मंडी में फसल आवक संबंधी दर्ज आंकड़े अधिकतर अनुमान पर आधारित होते हैं, जबकि खरीद के आंकड़े तौल के बाद दर्ज किए जाते हैं और वे मापी गई वास्तविक मात्रा दर्शाते हैं।
उन्होंने कहा कि 30 से 50 प्रतिशत अंतर के आरोप निराधार और तथ्यहीन हैं।
भाषा सिम्मी माधव
माधव
यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.
