नयी दिल्ली, 23 दिसंबर (भाषा) उच्चतम न्यायालय अभिनव विचारों को प्रोत्साहित करने और मौजूदा प्रक्रियाओं में दक्षता लाने के लिए ‘याचिका के दायर होने से सूचीबद्ध होने” तक व्यावहारिक प्रस्तावों का पता लगाने के लिए एक ‘हैकाथन’ का आयोजन कर रहा है।
उसने प्रणाली में सुधार के लिए हितधारकों से सुझाव और नए विचार आमंत्रित किए हैं।
शीर्ष अदालत की वेबसाइट पर अपलोड की गई एक अधिसूचना में कहा गया है कि यह कार्यक्रम शीर्ष अदालत के न्यायाधीश न्यायमूर्ति संजय किशन कौल की देखरेख और मार्गदर्शन में आयोजित किया जाएगा।
अधिसूचना के मुताबिक, “भारत के प्रधान न्यायाधीश के निर्देश के तहत, रजिस्ट्री न्यायिक मामलों में ‘याचिका के दायर होने से सूचीबद्ध होने” तक उच्चतम न्यायालय मौजूदा प्रक्रियाओं को और बेहतर करने और उनमें दक्षता लाने के लिए नवीन विचारों को प्रोत्साहित करने और व्यावहारिक प्रस्तावों की खोज के लिए एक ‘हैकाथन’ कार्यक्रम आयोजित कर रहा है।”
इसमें कहा गया कि उच्चतम न्यायालय की वेबसाइट पर 24 दिसंबर से 30 दिसंबर तक उपलब्ध एक लिंक के माध्यम से सुझाव और नए विचार ऑनलाइन दिए जा सकते हैं।
इसमें कहा गया है, “सुझाव/नवोन्मेषी विचार उच्चतम न्यायालय नियम, 2013 के प्रावधानों के दायरे में होंगे।”
अधिसूचना में कहा कि प्रतिक्रियाओं की छंटाई के बाद, एक जांच-सह-चयन समिति सर्वश्रेष्ठ 18 सुझावों या नवीन विचारों की पहचान करेगी और चयनित प्रतिभागियों को सात जनवरी को अदालत परिसर में आयोजित होने वाले कार्यक्रम के दौरान प्रस्तुति देने के लिए आमंत्रित किया जाएगा।
इसमें कहा गया कि सर्वश्रेष्ठ प्रस्ताव वाले प्रतिभागी को विजेता के रूप में चुना जाएगा, उसके बाद एक उप-विजेता होगा, जबकि शेष प्रतिभागियों को भागीदारी का प्रमाण पत्र दिया जाएगा।
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प्रशांत पवनेश
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