अहमदाबाद, 20 मार्च (भाषा) गुजरात के अहमदाबाद की एक अदालत ने कथित रूप से 2.38 करोड़ रुपये मूल्य की जाली नोटों के साथ पकड़े गये योग शिक्षक समेत सात लोगों को 10 दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया। पुलिस के एक अधिकारी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
पुलिस अधिकारी ने बताया कि एक कार से 500 रुपये के 42,000 जाली नोट जब्त किए जाने के बाद योग शिक्षक प्रदीप जोतांगिया, मुकेश थुम्मर, अशोक मावानी, रमेश भालर, दिव्येश राणा, भरत काकड़िया और एक महिला को पकड़ा गया था।
उन्होंने बताया कि इसके अलावा सूरत के एक घर से भी जाली नोटों की एक बड़ी खेप बरामद की गयी।
अधिकारी ने बताया कि बुधवार को एक सफेद एसयूवी वाहन के अंदर एक काले बैग से नोटों के बंडल बरामद किए गए।
अहमदाबाद अपराध शाखा के निरीक्षक एस.जे. जडेजा ने बताया कि आरोपियों पर भारतीय न्याय संहिता की धाराओं– 178, 180, 181 और 61(2) के तहत मामला दर्ज किया गया है।
पुलिस ने बताया कि प्रदीप गुरुजी के नाम से मशहूर आरोपी प्रदीप जोतांगिया ने 2008 में कामरेज में श्री सत्यम योग फाउंडेशन की स्थापना की और धन की कमी होने पर जाली नोट छापने की साजिश रची।
एक अधिकारी ने बताया कि योग फाउंडेशन से जुड़े आरोपियों ने चार महीने पहले नकली नोट छापना शुरू किया था।
उन्होंने यह भी बताया कि जोतांगिया ने 2018 में कामरेज में वित्तीय विवाद की वजह से आत्महत्या का प्रयास भी किया था।
पुलिस के अनुसार, इस गिरोह का मुखिया मुकेश थुम्मर है, जिसने प्रिंटर, पेपर कटिंग मशीन आदि की व्यवस्था की थी और डिजिटल पेमेंट गेटवे का उपयोग कर अलीबाबा जैसे ऑनलाइन मंचों के माध्यम से चीनी स्रोतों से आरबीआई के चिह्नों से मिलते-जुलते सुरक्षा धागे वाले कागज भी मंगवाए थे।
पुलिस ने बताया कि जिस एसयूवी वाहन से जाली नोट जब्त किए गए, उस पर ‘वीवीआईपी’ का स्टिकर और ‘श्री सत्यम योग फाउंडेशन, आयुष मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त’ की नंबर प्लेट भी लगी थी।
भाषा जितेंद्र राजकुमार
राजकुमार
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