नयी दिल्ली, 20 मार्च (भाषा) केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने ऐसे 219 जिलों की पहचान की है, जिनमें एचआईवी/एड्स से निपटने के लिए तत्काल कदम उठाने की जरूरत है। इन जिलों में से 11 हरियाणा में और सात दिल्ली में हैं।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि दिल्ली में वर्तमान में वयस्कों में एचआईवी प्रसार दर 0.33 प्रतिशत है, जहां लगभग 59,079 लोग एचआईवी से संक्रमित हैं। वहीं, हरियाणा में वयस्क एचआईवी प्रसार दर 0.24 प्रतिशत है और यहां करीब 59,642 लोग एचआईवी से संक्रमित हैं।
मंत्रालय के राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण संगठन (एनएसीओ) ने शुक्रवार को हरियाणा और दिल्ली पर विशेष ध्यान केंद्रित करते हुए, एचआईवी/एड्स के खिलाफ जिला-स्तरीय प्रयासों को मजबूत करने की रणनीति के तहत यहां ‘सुरक्षा संकल्प कार्यशाला’ का आयोजन किया।
इस कार्यशाला की अध्यक्षता एनएसीओ के महानिदेशक डॉ. राकेश गुप्ता ने की।
दिल्ली में चिह्नित जिलों में उत्तरी, नयी दिल्ली, शाहदरा, मध्य, दक्षिण पूर्व, दक्षिणी और उत्तर पश्चिमी जिले शामिल हैं।
अधिकारियों ने एक बयान में बताया कि हरियाणा में प्राथमिकता वाले जिलों में पानीपत, रोहतक, सिरसा, झज्जर, गुरुग्राम, फरीदाबाद, भिवानी, हिसार, सोनीपत, कैथल और फतेहाबाद शामिल हैं।
बैठक में डॉ. गुप्ता ने विश्व एड्स दिवस 2027 तक एचआईवी/एड्स को नियंत्रित महामारी घोषित करने की दिशा में भारत की प्रतिबद्धता दोहराई।
उन्होंने 95:95:95 के लक्ष्य को जल्द से जल्द हासिल करने के महत्व पर जोर दिया और आगामी कार्यक्रम चक्र में इन लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए तेजी से प्रयास करने की आवश्यकता जताई।
वैश्विक स्तर पर स्वीकृत 95:95:95 लक्ष्य के तहत यह परिकल्पना की गई है कि एचआईवी के साथ जी रहे 95 प्रतिशत लोगों को अपनी स्थिति की जानकारी हो, इनमें से 95 प्रतिशत लोग निरंतर एंटी-रेट्रोवायरल थेरेपी पर हों, और उपचार ले रहे 95 प्रतिशत लोगों में वायरल दमन (वायरल सप्रेशन) हो।
डॉ. गुप्ता ने बताया कि दिल्ली में अब भी अहम कमियां हैं, जहां संक्रमित व्यक्तियों में से केवल लगभग 70 प्रतिशत ही उपचार से जुड़े हैं या उपचार प्राप्त कर रहे हैं।
इसके विपरीत, हरियाणा ने लगभग 81:83:95 का स्तर हासिल किया है, जो उत्साहजनक प्रगति को दर्शाता है।
भाषा शोभना सुरेश
सुरेश
यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.
