नयी दिल्ली, 17 अप्रैल (भाषा) केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने शुक्रवार को कहा कि सरकार शासन की बदलती जरूरतों के अनुरूप संस्थानों को तैयार करने के अपने सतत प्रयासों के तहत वैज्ञानिकों और शिक्षाविदों के लिए क्षमता निर्माण का दायरा बढ़ा रही है।
उन्होंने यहां ‘साधना सप्ताह 2026’ के समापन समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और डिजिटल उपकरण भविष्य के लिए शासन के प्रमुख कारक हैं। उन्होंने कहा कि सरकारी कर्मचारी बदलाव के साथ कदम मिलाने के लिए उभरती क्षमताओं को तेजी से अपना रहे हैं।
‘साधना (स्ट्रेंथनिंग अडैप्टिव डेवलपमेंट एंड ह्यूमेन एप्टीट्यूड फॉर नेशनल एडवांसमेंट) सप्ताह’ को भारत के सिविल सेवा तंत्र में सबसे बड़े सहयोगात्मक क्षमता निर्माण प्रयासों में से एक माना गया है।
उन्होंने यह भी कहा कि सरकार का प्रशिक्षण मंच ‘प्रारंभिक’ स्तर से विकसित होकर अब एक व्यापक रूप से उपयोग में आने वाला मंच बन गया है।
केंद्रीय कार्मिक राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा कि सरकार प्रशिक्षण के दायरे को बढ़ाकर नये क्षेत्रों तक ले जा रही है, जिसमें विज्ञान प्रशासक और शिक्षाविद भी शामिल हैं।
भाषा
प्रचेता अविनाश
अविनाश
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