मुंबई, 24 मार्च (भाषा) महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस ने बुधवार को कहा कि विमान दुर्घटना में पूर्व उपमुख्यमंत्री अजित पवार की मृत्यु होने के मामले में बेंगलुरु में ‘जीरो एफआईआर’ दर्ज की जाना राज्य की छवि धूमिल करने की एक “रणनीतिक कोशिश” है।
विधानसभा में विपक्ष द्वारा लाए गए प्रस्ताव और राकांपा(एसपी) के विधायक रोहित पवार द्वारा उठाए गए मुद्दों का जवाब देते हुए फडणवीस ने कर्नाटक में दर्ज प्राथमिकी को राजनीतिक रूप से प्रेरित बताया।
उन्होंने कहा कि ‘जीरो एफआईआर’ केवल तब दर्ज की जा सकती है जब पीड़ित स्थानीय थाने तक नहीं पहुंच सकता हो या यह स्पष्ट न हो कि अपराध किस थानाक्षेत्र में हुआ।
गृह विभाग का प्रभार संभाल रहे फडणवीस ने कहा, “अगर ऐसा होता रहा, तो महाराष्ट्र के नेता भी मुंबई के थानों में कर्नाटक के अधिकारियों के खिलाफ जीरो एफआईआर दर्ज करा सकते हैं।”
अजित पवार के भतीजे रोहित पवार ने मंगलवार को कहा था कि कथित लापरवाही के संबंध में महाराष्ट्र पुलिस द्वारा उनकी शिकायत पर प्राथमिकी दर्ज न किए जाने के कारण उन्होंने बेंगलुरु में ‘जीरो एफआईआर’ दर्ज कराई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मामला फिलहाल आकस्मिक मृत्यु रिपोर्ट (एडीआर) के रूप में दर्ज है।
उन्होंने कहा, “यदि जांच में लापरवाही या किसी साजिश का पता चलता है, तो आरोप पत्र दाखिल करने के समय एडीआर को प्राथमिकी में बदला जाएगा।”
जांच की जानकारी देते हुए फडणवीस ने कहा कि मुंबई और बारामती के सीसीटीवी फुटेज से अजित पवार के विमान में सवार होने की पुष्टि हुई है।
उन्होंने बताया कि डीएनए और विसरा जांच समेत फॉरेंसिक रिपोर्ट में शराब के सेवन, जहर के संबंध में सबूत नहीं मिले।
भाषा जोहेब रंजन
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