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Tuesday, 10 February, 2026
होमदेशधान खरीद के दौरान किसानों को 'व्यवस्थित शोषण' का सामना करना पड़ रहा है : नवीन पटनायक

धान खरीद के दौरान किसानों को ‘व्यवस्थित शोषण’ का सामना करना पड़ रहा है : नवीन पटनायक

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भुवनेश्वर, नौ फरवरी (भाषा) ओडिशा में विपक्ष के नेता नवीन पटनायक ने सोमवार को मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी से भारतीय जनता पार्टी द्वारा धान खरीद को लेकर किए गए चुनावी वादों को पूरा करने का आग्रह किया और आरोप लगाया कि सरकार द्वारा संचालित मंडियों में किसान ‘व्यवस्थित शोषण’ का सामना कर रहे हैं।

पूर्व मुख्यमंत्री पटनायक ने माझी को पत्र लिखकर दावा किया कि खरीफ फसलों की खरीद के मौसम में के दौरान किसान बहुत मुश्किल दौर से गुजर रहे हैं।

उन्होंने पत्र में लिखा, ‘मैं अत्यंत दुखी मन से आपका ध्यान तत्काल अपने राज्य के ‘अन्नदाता’ द्वारा झेले जा रहे गंभीर संकट और व्यवस्थित शोषण की ओर आकर्षित कर रहा हूं।’

उन्होंने कहा, ‘2024 के चुनावों के दौरान आपकी पार्टी के घोषणापत्र के बिंदु संख्या दो के अनुसार, आपने किसानों से बढ़े हुए एमएसपी और ‘कटनी-छटनी’ को रोकने को लेकर गंभीर वादे किए थे।’

‘कटनी-छटनी’ वह प्रथा है, जिसके तहत मंडियों में नमी और अनाज की गुणवत्ता का हवाला देकर प्रति क्विंटल लगभग सात किलो की कटौती की जाती है।

पटनायक ने कहा कि ‘बार-बार बिना किसी परेशानी’ के खरीद के दिए गए आश्वासनों के बावजूद किसानों से मनमानी कटौती की जा रही है।

उन्होंने लिखा, ‘कई जिलों में यह शोषण खुलेआम हो रहा है, जिसमें कथित तौर पर मिल मालिकों और स्थानीय अधिकारियों की मिलीभगत है और किसानों को ‘आपसी सहमति’ के नाम पर मजबूर किया जा रहा है, जिससे उनकी मेहनत की कमाई लूट ली जाती है।’

उन्होंने सवाल किया, ‘आपके चुनावी घोषणापत्र के अनुसार यह ‘कटनी-छटनी’ कब बंद होगी? क्या यह भाजपा द्वारा चुनाव के दौरान किये गए झूठे वादे का उदाहरण नहीं है? आपकी सरकार कब अपने चुनावी वादों को पूरा करेगी? आपके घोषणापत्र के अनुसार किसान को न्याय कब मिलेगा?’

पटनायक ने मांग की, ‘मैं आपसे तुरंत आग्रह करता हूं कि मंडियों में ‘कटनी-छटनी’ रोकने के लिए विशेष दस्ते तैनात किए जाएं और दोषी मिल मालिकों व अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।’

उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा, ‘यदि इन शिकायतों का समाधान नहीं किया गया तो किसान समुदाय के पास राज्यभर में अपने आंदोलन को तेज करने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचेगा। मुझे आशा है कि आपकी सरकार बयानबाजी से ऊपर उठकर ओडिशा के किसानों से किए गए वादों को पूरा करेगी।’

भाषा

शुभम दिलीप

दिलीप

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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