scorecardresearch
Wednesday, 21 October, 2026
होमदेशउत्सर्जन में कटौती से 2100 तक तापमान वृद्धि को 1.5 डिग्री सेल्सियस तक वापस लाया जा सकता है: यूएनईपी

उत्सर्जन में कटौती से 2100 तक तापमान वृद्धि को 1.5 डिग्री सेल्सियस तक वापस लाया जा सकता है: यूएनईपी

Text Size:

नयी दिल्ली, 21 अक्टूबर (भाषा) औद्योगिक-पूर्व स्तर की तुलना में वैश्विक तापमान में मौजूदा 1.5 डिग्री सेल्सियस से अधिक की वृद्धि होने की आशंका के बीच उत्सर्जन में तत्काल और कड़ी कटौती करने की आवश्यकता है।

संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (यूएनईपी) की एक रिपोर्ट के अनुसार, यह कटौती तापमान के 1.5 डिग्री सेल्सियस की सीमा से ऊपर जाने की अवधि और सीमा को कम करने तथा सदी के अंत तक तापमान को फिर से 1.5 डिग्री सेल्सियस के स्तर पर लाने के लिए जरूरी है।

रिपोर्ट में 1.5 डिग्री सेल्सियस की सीमा के “न्यूनतम संभावित” रूप से पार होने वाले परिदृश्य का अध्ययन किया गया है। इसमें सदी के मध्य के आसपास तापमान में अधिकतम वृद्धि को 1.7-1.8 डिग्री सेल्सियस तक सीमित रखने और वर्ष 2100 तक वैश्विक तापमान वृद्धि को 1.5 डिग्री सेल्सियस या उससे नीचे लाने की करीब 50 प्रतिशत संभावना बताई गई है।

बुधवार को जारी यूएनईपी की रिपोर्ट ‘एमिशंस गैप रिपोर्ट 2026: द प्वाइंट ऑफ रिटर्न’ के अनुसार, इस राह पर आगे बढ़ने के लिए वैश्विक हरित गैस (जीएचजी) उत्सर्जन को 2025 के स्तर की तुलना में 2030 तक 18 प्रतिशत, 2035 तक 45 प्रतिशत और 2040 तक 69 प्रतिशत कम करना होगा।

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुतारेस ने एक बयान में कहा, “तापमान का तय सीमा से ऊपर जाना हार मान लेना नहीं है। हम अब भी इसे यथासंभव कम और छोटी अवधि के लिए रख सकते हैं तथा इस सदी के अंत तक तापमान को 1.5 डिग्री सेल्सियस से नीचे ला सकते हैं।”

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि यदि मौजूदा नीतियां जारी रहती हैं तो इस सदी में तापमान में 2.8 डिग्री सेल्सियस तक वृद्धि हो सकती है और इसके बाद भी बढ़ोतरी जारी रह सकती है। वहीं, यदि राष्ट्रीय स्तर पर निर्धारित सभी योगदान (एनडीसी) लागू किए जाते हैं और इसी तरह के प्रयास जारी रहते हैं, तो तापमान वृद्धि 2.6 डिग्री सेल्सियस तक सीमित रह सकती है।

भाषा प्रचेता प्रशांत

प्रशांत

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

share & View comments