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Monday, 27 April, 2026
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अगले कुछ महीनों में यूरोपीय संघ, अमेरिका के साथ व्यापार समझौता: गोयल

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नयी दिल्ली, 27 अप्रैल (भाषा) वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने सोमवार को कहा कि न्यूजीलैंड के साथ मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) पिछले साढ़े तीन साल में उनके कार्यकाल के दौरान हस्ताक्षर किया गया सातवां ऐसा समझौता है।

उन्होंने कहा कि आने वाले महीनों में यूरोपीय संघ और अमेरिका के साथ दो और समझौतों की उम्मीद है।

गोयल और भारत आये न्यूजीलैंड के व्यापार और निवेश मंत्री टॉड मैकक्ले ने यहां एक मुक्त व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर किए, जिसके इस साल के अंत तक लागू होने की उम्मीद है।

उन्होंने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘इस (भारत-न्यूजीलैंड) एफटीए के साथ, यह सातवां मुक्त व्यापार समझौता है जिस पर मैं पिछले साढ़े तीन साल में हस्ताक्षर कर रहा हूं। अगले कुछ महीनों में यूरोपीय संघ (ईयू) और अमेरिका के साथ दो और समझौते बहुत जल्द होने वाले हैं।’’

भारत और 27 देशों के समूह ईयू ने जनवरी में एक व्यापार समझौते के लिए बातचीत पूरी होने की घोषणा की थी। इस पर अभी तक हस्ताक्षर नहीं हुए हैं।

राजग सरकार ने अब तक संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) (मई 2022 में लागू), ऑस्ट्रेलिया (दिसंबर 2022 में लागू), ब्रिटेन (जुलाई 2025 में हस्ताक्षरित), ईएफटीए समूह (अक्टूबर 2025 में लागू), ओमान (दिसंबर 2025 में हस्ताक्षरित), यूरोपीय संघ (जनवरी 2026 में बातचीत पूरी होने की घोषणा) और मॉरीशस (अप्रैल 2021 से लागू) के साथ एफटीए को अंतिम रूप दिया है।

ये टिप्पणियां इसलिए महत्वपूर्ण हैं क्योंकि भारतीय अधिकारियों की टीम पिछले हफ्ते अमेरिका से लौटी है। वहां उन्होंने द्विपक्षीय व्यापार समझौते के पहले चरण को अंतिम रूप देने के लिए अमेरिकी अधिकारियों के साथ तीन दिनों तक बातचीत की थी।

दोनों पक्षों ने कई क्षेत्रों पर चर्चा की, जैसे कि बाजार पहुंच, गैर-शुल्क उपाय, व्यापार में तकनीकी बाधाएं, सीमा शुल्क और व्यापार सुविधा, निवेश प्रोत्साहन, आर्थिक सुरक्षा तालमेल और डिजिटल व्यापार।

भारत और अमेरिका ने सात फरवरी को एक संयुक्त बयान जारी किया, जिसमें आपसी और पारस्परिक रूप से लाभकारी व्यापार के संबंध में एक अंतरिम व्यापार समझौते के लिए एक रूपरेखा को अंतिम रूप दिया गया।

अमेरिकी शुल्क परिदृश्य में बदलावों को देखते हुए इस रूपरेखा में कुछ समायोजन की आवश्यकता है।

भाषा राजेश राजेश रमण

रमण

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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