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Saturday, 18 April, 2026
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पीपीएफ समेत लघु बचत योजनाओं की ब्याज दरों में बदलाव नहीं

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नयी दिल्ली, 30 सितंबर (भाषा) सरकार ने एक अक्टूबर से शुरू होने वाली तीसरी तिमाही के लिए पीपीएफ और राष्ट्रीय बचत प्रमाणपत्र सहित विभिन्न लघु बचत योजनाओं की ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया। यह लगातार सातवीं तिमाही है जब लघु बचत योजनाओं के लिए ब्याज दरों को यथावत रखा गया है।

वित्त मंत्रालय ने मंगलवार को एक अधिसूचना में कहा, ‘‘वित्त वर्ष 2025-26 की तीसरी तिमाही (एक अक्टूबर, 2025 से 31 दिसंबर, 2025) के लिए विभिन्न लघु बचत योजनाओं पर ब्याज दरें वित्त वर्ष 2025-26 की दूसरी तिमाही (एक जुलाई, 2025 से 30 सितंबर, 2025) के लिए अधिसूचित दरों पर बनी रहेंगी।’’

अधिसूचना के अनुसार, सुकन्या समृद्धि योजना के तहत जमा पर 8.2 प्रतिशत की ब्याज दर मिलेगी, जबकि तीन साल की सावधि जमा पर ब्याज चालू तिमाही में मौजूदा 7.1 प्रतिशत पर बरकरार रहेगा।

नौकरीपेशा में लोकप्रिय लोक भविष्य निधि (पीपीएफ) और डाकघर बचत जमा योजनाओं की ब्याज दरें भी क्रमशः 7.1 प्रतिशत और चार प्रतिशत पर बरकरार हैं।

किसान विकास पत्र पर ब्याज दर 7.5 प्रतिशत होगी और निवेश 115 महीनों में परिपक्व होगा।

राष्ट्रीय बचत प्रमाणपत्र (एनएससी) पर ब्याज दर अक्टूबर-दिसंबर 2025 की अवधि के लिए 7.7 प्रतिशत पर बनी रहेगी।

जुलाई-सितंबर तिमाही की तरह, चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही के दौरान भी मासिक आय योजना में निवेश पर 7.4 प्रतिशत ब्याज मिलेगा।

इसके साथ ही, मुख्य रूप से डाकघरों और बैंकों द्वारा संचालित लघु बचत योजनाओं पर ब्याज दरों को लगातार सातवीं तिमाही में अपरिवर्तित रखा गया है। सरकार ने पिछली बार 2023-24 की चौथी तिमाही के लिए कुछ योजनाओं के ब्याज में बदलाव किए थे।

सरकार हर तिमाही लघु बचत योजनाओं पर ब्याज दरों की अधिसूचना जारी करती है।

भाषा रमण

रमण

रमण

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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