नयी दिल्ली, छह नवंबर (भाषा) संचार मंत्रालय दूरसंचार क्षेत्र की पीएलआई योजना का दूसरा संस्करण लाने के प्रस्ताव पर काम कर रहा है। इसमें डिजाइन आधारित उच्च मूल्यवर्धन पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। एक आधिकारिक सूत्र ने शुक्रवार यह बताया।
सूत्र के अनुसार केंद्रीय मंत्रिमंडल की मंजूरी के लिए भेजने से पहले इस प्रस्ताव को अंतर-मंत्रालयी परामर्श के लिए भेजा जाएगा।
उन्होंने कहा, ”दूरसंचार क्षेत्र के लिए उत्पादन से जुड़े प्रोत्साहन (पीएलआई) योजना अभी प्रक्रिया में है। इसे अंतर-मंत्रालयी परामर्श के लिए भेजा जाना है।”
सरकार ने 12,195 करोड़ रुपये के परिव्यय के साथ दूरसंचार पीएलआई योजना का पहला संस्करण शुरू किया था। यह योजना मार्च, 2026 में समाप्त हो गई।
दूरसंचार और नेटवर्किंग उत्पादों के लिए पीएलआई योजना के तहत 28 एमएसएमई (सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम) सहित कुल 42 कंपनियों को मंजूरी मिली थी। इनमें से 17 कंपनियों ने डिजाइन आधारित विनिर्माण मानदंडों के तहत एक प्रतिशत के अतिरिक्त प्रोत्साहन के लिए आवेदन किया था।
दूरसंचार पीएलआई योजना के पहले संस्करण में 4,115 करोड़ रुपये के लक्ष्य के मुकाबले 6,073 करोड़ रुपये का निवेश आया था।
सूत्र ने कहा कि दूरसंचार मंत्रालय भारत में अधिक स्थानीय मूल्यवर्धन चाहता है।
भाषा पाण्डेय रमण
रमण
यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.