नयी दिल्ली, 15 अक्टूबर (भाषा) दूरसंचार विभाग ने एक नवंबर से 4जी और 5जी मोबाइल नेटवर्क पर कॉल करने वालों का वास्तविक नाम दिखाना अनिवार्य कर दिया है। तकनीकी रूप से इसे सीएनएपी यानी कॉलकर्ता का नाम दिखाने की सेवा कहा जाता है। एक आधिकारिक परिपत्र में यह कहा गया है।
विभाग ने 13 अक्टूबर को जारी परिपत्र में कहा कि दूरसंचार कंपनियों ने 4जी और इससे आगे की पीढ़ी की तकनीकों पर सीएनएपी (कॉलिंग नेम प्रेजेंटेशन) सेवा शुरू करने के लिए परीक्षण किए हैं।
परिपत्र में कहा गया, ‘‘सभी दूरसंचार सेवा प्रदाताओं को एक नवंबर, 2026 से अपने सभी सेवा क्षेत्रों में दूरसंचार नेटवर्क पर कॉल करने वाले का नाम दिखाने की सेवा शुरू करने का निर्देश दिया जाता है।’’
ऑनलाइन धोखाधड़ी रोकने के लिए नेटवर्क में यह प्रौद्योगिकी शुरू की गई है।
परिपत्र में कहा गया, ‘‘2जी और 3जी प्रौद्योगिकी पर आधारित वायरलेस नेटवर्क तथा सार्वजनिक स्विच्ड टेलीफोन नेटवर्क (सार्वजनिक टेलीफोन नेटवर्क) में कॉल करने वाले का नाम दिखाने की सेवा शुरू करने पर मामले की जांच के बाद अलग से विचार किया जाएगा।’’
परिपत्र के अनुसार, आने वाली कॉल प्राप्त करने वाले व्यक्ति को सबसे पहले अपनी संपर्क सूची में रखा गया नाम दिखाई देगा। इसके बाद उस दूरसंचार कंपनी द्वारा पहचाना गया नाम दिखेगा, जिसके नेटवर्क पर कॉल करने वाला पंजीकृत है।
घरेलू कॉल की स्थिति में कॉल करने वाले की पहचान दिखाई जाएगी, जबकि विदेश से आने वाली फोन कॉल को अंतरराष्ट्रीय कॉल के रूप में चिह्नित किया जाएगा।
बड़ी संख्या में व्यावसायिक कनेक्शन लेने वाली संस्थाओं के मामले में उनका नाम दिखाया जाएगा। यह नाम संबंधित सरकारी विभाग के रिकॉर्ड के अनुसार संस्था के नाम पर पंजीकृत ट्रेडमार्क या माल एवं सेवा कर पोर्टल पर पंजीकृत उसका व्यापारिक नाम हो सकता है। इसके अलावा, माल एवं सेवा कर पोर्टल पर पंजीकृत व्यापारिक नाम भी इस्तेमाल किया जा सकता है।
नए कनेक्शन के मामले में दूरसंचार कंपनियों को बड़ी संख्या में कनेक्शन लेने वाले ग्राहकों का पसंदीदा नाम ग्राहक आवेदन पत्र, ग्राहक विवरण रिकॉर्ड और सहायक दस्तावेजों में दर्ज करना होगा।
परिपत्र में कहा गया, “मौजूदा कनेक्शन के मामले में कॉल शुरू करने वाली दूरसंचार सेवा प्रदाता कंपनी को ऐसी व्यवस्था करनी होगी, जिससे उपयोगकर्ता ग्राहक विवरण रिकॉर्ड में अपना पसंदीदा नाम दर्ज कराने के लिए जरूरी आवेदन कर सके। आवेदन की जांच और उचित सत्यापन के बाद कंपनी उस उपयोगकर्ता का पसंदीदा नाम ग्राहक विवरण रिकॉर्ड में अद्यतन कर सकती है।’’
मौजूदा नियमों के तहत कॉल करने वाले की पहचान छिपाने की सुविधा (सीएलआईआर) लेने वाले लोगों के नाम सीएनएपी सेवा के तहत प्रदर्शित नहीं किए जाएंगे।
भाषा रमण अजय
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