(फाइल तस्वीर के साथ)
नयी दिल्ली, दो अप्रैल (भाषा) उच्चतम न्यायालय ने बाजार नियामक सेबी को स्टर्लिंग बायोटेक लिमिटेड (एसबीएल) और उसके प्रवर्तकों चेतन एवं नितिन संदेसरा के खिलाफ कार्रवाई बंद करने का निर्देश देते हुए कहा है कि आदेश का पालन नहीं होने पर वह मामले में कड़ा रुख अपनाएगा।
न्यायमूर्ति जे के माहेश्वरी और न्यायमूर्ति ए एस चंदूरकर की पीठ ने कहा कि नवंबर, 2025 के आदेश में स्पष्ट किया गया था कि संदेसरा बंधु यदि 5,100 करोड़ रुपये अदालत की रजिस्ट्री में जमा करते हैं तो उनके खिलाफ सभी कार्यवाही, जिसमें सेबी की कार्रवाई भी शामिल है, बंद कर दी जाएगी।
पीठ ने भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) के वकील से कहा, “यदि आप आदेश का पालन कर रहे हैं तो ठीक है, अन्यथा हमें इस पर विस्तृत आदेश पारित करना पड़ेगा।”
इस पर सेबी की ओर से पेश हुए वकील ने कहा कि सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता इस मुद्दे पर सेबी के साथ विचार-विमर्श कर रहे हैं और उन्होंने एक सप्ताह का समय मांगा। न्यायालय ने मामले की अगली सुनवाई 10 अप्रैल को तय की है।
संदेसरा बंधुओं की तरफ से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी ने कहा कि सेबी ने अब तक कार्यवाही बंद नहीं की है और उसे अदालत के आदेश का पालन करना चाहिए।
इससे पहले, शीर्ष अदालत ने 19 नवंबर, 2025 को एक समझौते को मंजूरी दी थी, जिसमें संदेसरा बंधुओं ने 5,100 करोड़ रुपये जमा करने पर सहमति जताई थी। यह राशि दिसंबर महीने में अदालत की रजिस्ट्री में जमा कर दी गई थी।
यह मामला एसबीएल के खिलाफ कथित वित्तीय अनियमितताओं और विदेशी ऋण के दुरुपयोग से जुड़ा है। इस मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) जैसी एजेंसियां कर रही हैं।
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