नई दिल्ली: रविवार से दिल्ली-एनसीआर में कंप्रेस्ड नेचुरल गैस यानी सीएनजी की कीमत में 1 रुपये प्रति किलो की बढ़ोतरी कर दी गई है. दो दिनों में यह दूसरी बढ़ोतरी है.
नई कीमतों के बाद दिल्ली में सीएनजी अब 80.09 रुपये प्रति किलो मिलेगी. नोएडा और गाजियाबाद में इसकी कीमत बढ़कर 88.70 रुपये प्रति किलो हो गई है.
इससे पहले 15 मई को भी सीएनजी के दाम 2 रुपये प्रति किलो बढ़ाए गए थे. नई बढ़ोतरी के साथ 48 घंटों में सीएनजी की कीमत कुल 3 रुपये प्रति किलो बढ़ चुकी है.
शुक्रवार को केंद्र सरकार ने देशभर में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 3 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की थी. नई कीमतों के बाद नई दिल्ली में पेट्रोल 94.77 रुपये से बढ़कर 97.77 रुपये प्रति लीटर हो गया, जबकि डीजल 87.67 रुपये से बढ़कर 90.67 रुपये प्रति लीटर हो गया.
ईंधन की कीमतों में यह बढ़ोतरी पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आने के बीच हुई है. खासतौर पर अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच इस साल 28 फरवरी से शुरू हुए संघर्ष ने दुनिया में कच्चे तेल की सप्लाई को प्रभावित किया है और ब्रेंट क्रूड की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गई है.
केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने शुक्रवार को ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी का बचाव किया. उन्होंने भारत में पेट्रोल की कीमत में 3.2 प्रतिशत और डीजल में 3.4 प्रतिशत बढ़ोतरी की तुलना दूसरे देशों से की. उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया संघर्ष के कारण कई देशों में कीमतें 20 प्रतिशत से लेकर लगभग 100 प्रतिशत तक बढ़ गईं.
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की तारीफ करते हुए कहा कि सरकार ने आर्थिक स्थिरता और जनता के हितों के बीच संतुलन बनाया है. उन्होंने कहा कि सरकार जिम्मेदारी के साथ काम कर रही है और फैसले लेते समय लोगों को प्राथमिकता दे रही है.
रिजिजू ने एक्स पर पोस्ट में कहा, “जब पश्चिम एशिया संघर्ष के बाद दुनिया बढ़ती ईंधन कीमतों से जूझ रही थी, तब भारत अलग नजर आया. जहां कई देशों में पेट्रोल और डीजल की कीमतें 20 प्रतिशत से लेकर लगभग 100 प्रतिशत तक बढ़ गईं, वहीं भारत में पेट्रोल में सिर्फ 3.2 प्रतिशत और डीजल में 3.4 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई.”
उन्होंने आगे कहा, “जब ब्रेंट क्रूड 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर चला गया और ग्लोबल मार्किट अस्थिर हो गए, तब भी भारत की सरकारी तेल कंपनियों ने कई हफ्तों तक भारी नुकसान सहा ताकि लोगों को महंगाई और आर्थिक दबाव से बचाया जा सके. यही जिम्मेदार शासन है. यही ऐसा नेतृत्व है जो लोगों को पहले रखता है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत आर्थिक स्थिरता और जनता के हितों के बीच संतुलन बनाए हुए है.”
रिजिजू ने उन देशों की सूची भी साझा की जहां पश्चिम एशिया संघर्ष के कारण ईंधन की कीमतें बढ़ीं. सूची के मुताबिक मलेशिया में पेट्रोल की कीमत 89.7 प्रतिशत और डीजल की कीमत 112.7 प्रतिशत बढ़ी. अमेरिका में पेट्रोल 44 प्रतिशत और डीजल 48.1 प्रतिशत महंगा हुआ. चीन में पेट्रोल 21.7 प्रतिशत और डीजल 23.7 प्रतिशत महंगा हुआ.
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