नयी दिल्ली, 22 अक्टूबर (भाषा) सेबी ने बृहस्पतिवार को निवेशकों को फर्जी व्हाट्सऐप समूहों को लेकर आगाह किया। ऐसे समूह शेयरों में निवेश के नाम पर भरोसा जीतने के लिए झूठे समर्थन संदेश और मुनाफे के मनगढ़ंत दावे करते हैं, ताकि निवेशक उनके झांसे में आ जाएं।
भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने एक बयान में कहा कि कुछ अपंजीकृत व्यक्ति मुफ्त निवेशक शिक्षा के नाम पर केवल आमंत्रण के जरिये जुड़ने वाले व्हाट्सऐप समूहों में निवेशकों को शेयर खरीदने-बेचने के सुझाव दे रहे हैं। इन फर्जी समूहों के संचालक अक्सर बाजार विशेषज्ञ बनकर विदेशी व्हाट्सऐप नंबरों का उपयोग करते हैं।
सेबी ने कहा, ‘‘इन सुझावों को भरोसेमंद दिखाने के लिए संचालकों के साथ मिलकर काम करने वाले कुछ सदस्य मुनाफे के झूठे दावे करते हैं और कथित ‘विशेषज्ञ’ की तारीफ करते हैं। एस्ट्रोटर्फिंग के नाम से जानी जाने वाली यह गतिविधि वास्तविक समर्थन का झूठा माहौल बनाती है और अनजान निवेशकों को इन सुझावों पर अमल करने के लिए प्रेरित करती है।’’
नियामक ने यह भी बताया कि प्रवर्तन एजेंसियों या नियामक संस्थाओं की कार्रवाई के बाद ऐसे समूह किस तरह काम करते हैं।
सेबी ने कहा कि ऐसे समूहों के सदस्यों से अक्सर किसी नए नंबर से संपर्क किया जाता है और उन्हें दूसरे समूह से जुड़ने के लिए कहा जाता है। संचालक दावा करते हैं कि सोशल मीडिया मंच की पाबंदियों के कारण पिछले समूह पर रोक लगा दी गई है।
सेबी ने ऐसे ही एक संदेश का उल्लेख किया, जिसमें कहा गया था, ‘‘सोशल मीडिया मंच के जोखिम नियंत्रण उपायों के कारण हमारा पिछला समूह बंद कर दिया गया है। यह नया समूह रोजाना अच्छी गुणवत्ता वाले शेयरों की जानकारी और कारोबार संबंधी मार्गदर्शन देगा। कृपया समूह से जुड़ें।’’
निवेशकों को सावधानी बरतने की सलाह देते हुए सेबी ने कहा कि उन्हें अज्ञात व्यक्तियों या शेयर बाजार विशेषज्ञ होने का दावा करने वालों द्वारा संचालित ऐसे व्हाट्सऐप समूहों से नहीं जुड़ना चाहिए, जिनमें शामिल होने के लिए आमंत्रण जरूरी हो। विशेष रूप से विदेशी नंबरों का इस्तेमाल करने वाले समूहों से सतर्क रहना चाहिए।
निवेशकों को समूह के अन्य सदस्यों की ओर से की जाने वाली तारीफ, मुनाफे के दावों या सौदों की पुष्टि वाले संदेशों से प्रभावित नहीं होने की भी सलाह दी गई है। ऐसे संदेश भ्रामक धारणा बनाने के लिए जानबूझकर डाले जा सकते हैं।
नियामक ने कहा कि किसी समूह के निलंबित, बंद या प्रतिबंधित होने का दावा करने वाले और सदस्यों को नए समूह से जुड़ने के लिए आमंत्रित करने वाले संदेशों को खतरे का संकेत मानना चाहिए।
सेबी ने ऐसे समूहों की ओर से सुझाए गए कारोबार मंचों या ऐप पर खाते खोलने अथवा उनमें पैसे भेजने से भी बचने की सलाह दी। निवेशकों को अपनी निवेश हिस्सेदारी या कारोबार खाते से जुड़ी जानकारी समूह संचालकों के साथ साझा नहीं करनी चाहिए।
नियामक ने कहा, ‘‘केवल सेबी में पंजीकृत मध्यस्थों के साथ ही कारोबार करें और सिर्फ प्रामाणिक कारोबारी ऐप का उपयोग करें।’’ निवेशक उसकी आधिकारिक वेबसाइट पर मध्यस्थों के पंजीकरण की स्थिति की जांच कर सकते हैं।
सेबी ने कहा कि इस बयान का उद्देश्य ऐसे फर्जी व्हाट्सऐप समूहों में प्रसारित शेयर सुझावों और कारोबार संबंधी सलाह पर अमल करने से निवेशकों को आगाह करना है। उसने निवेशकों से प्रतिभूति बाजार में लेनदेन करते समय सतर्क रहने का आग्रह किया।
भाषा रमण अजय
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