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Sunday, 26 April, 2026
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सेबी ने कंपनियों को खुले बाजार से शेयर पुनर्खरीद की मंजूरी दोबारा देने का प्रस्ताव रखा

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नयी दिल्ली, दो अप्रैल (भाषा) बाजार नियामक सेबी ने कर ढांचे में बदलाव के बाद कंपनियों को शेयर पुनर्खरीद के लिए स्टॉक एक्सचेंज के जरिये खुले बाजार से खरीद की अनुमति फिर से देने का बृहस्पतिवार को प्रस्ताव रखा।

भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने अपने परामर्श पत्र में कहा है कि पुनर्खरीद का यह तरीका दोबारा शुरू करने से कंपनियों को पुनर्खरीद का एक अतिरिक्त विकल्प मिलेगा। इसके साथ ही सार्वजनिक शेयरधारकों के लिए समान अवसर और कराधान का और तरीका भी सुनिश्चित होगा।

स्टॉक एक्सचेंज के जरिये शेयरों की पुनर्खरीद को एक अप्रैल, 2025 से बंद कर दिया गया था। ऐसी आशंका थी कि ‘कीमत-समय मिलान प्रणाली’ के कारण कुछ निवेशक पुनर्खरीद का बड़ा हिस्सा हासिल कर लेते हैं, जबकि अन्य इच्छुक निवेशक इससे वंचित रह जाते हैं। इसके अलावा, पुराने कर ढांचे में शेयरधारकों के बीच कर संबंधी असमानता भी थी।

हालांकि, सेबी ने कहा कि वित्त अधिनियम 2026 के तहत कर ढांचे में बदलाव के बाद ये चिंताएं काफी हद तक दूर हो गई हैं। अब एक अप्रैल, 2026 से पुनर्खरीद की राशि पर कर कंपनियों के बजाय शेयरधारकों के हाथ में पूंजीगत लाभ पर लगाया जाएगा।

बाजार नियामक ने कहा कि ऐसा होने से पुनर्खरीद में भाग लेने वाले और बाहर रह जाने वाले निवेशकों के बीच फर्क यानी कर असमानता अब समाप्त हो जाएगी।

सेबी ने यह भी कहा कि वैश्विक बाजारों में खुले बाजार के जरिये पुनर्खरीद का तरीका व्यापक रूप से इस्तेमाल होता है और इससे बेहतर मूल्य की तलाश, तरलता और पूंजी आवंटन की दक्षता बेहतर होती है।

फिक्की और भारतीय निवेश बैंकर संघ (एआईबीआई) जैसे उद्योग संगठनों ने इस प्रस्ताव का समर्थन किया है। उनका कहना है कि इससे बाजार में बिकवाली का दबाव कम करने और निवेशकों का भरोसा बढ़ाने में मदद मिलेगी।

इस प्रस्ताव के तहत स्टॉक एक्सचेंज के माध्यम से पुनर्खरीद के लिए अलग ‘खिड़की’ उपलब्ध कराई जा सकती है।

सेबी ने इस पर 23 अप्रैल तक सार्वजनिक टिप्पणियां आमंत्रित की हैं।

भाषा प्रेम प्रेम अजय

अजय

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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