मुंबई, आठ अक्टूबर (भाषा) वैश्विक बाजारों में जोखिम से बचने की प्रवृत्ति और भू-राजनीतिक तनाव बढ़ने के बीच रुपया बृहस्पतिवार को अमेरिकी मुद्रा के मुकाबले 13 पैसे की गिरावट के साथ 96.88 (अस्थायी) प्रति डॉलर पर रहा।
विदेशी मुद्रा कारोबारियों ने कहा कि वैश्विक स्तर पर डॉलर की मजबूती और कच्चे तेल की ऊंची कीमतों समेत लगातार बने व्यापक आर्थिक दबाव के कारण रुपये में गिरावट आई। डॉलर सूचकांक कई महीनों के उच्चस्तर के करीब कारोबार कर रहा था, जबकि ब्रेंट कच्चा तेल करीब 104 डॉलर प्रति बैरल पर था।
हालांकि, भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के संभावित हस्तक्षेप से निचले स्तर पर रुपये को समर्थन मिला।
अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया 96.71 प्रति डॉलर पर खुला। कारोबार के दौरान यह 96.65 के उच्चस्तर तक गया और 96.79 के निचले स्तर तक आया। अंत में यह 13 पैसे की गिरावट के साथ 96.88 प्रति डॉलर (अस्थायी) पर बंद हुआ। बुधवार को रुपया 96.75 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था।
मिराए एसेट शेयरखान के शोध विश्लेषक अनुज चौधरी ने कहा, ‘‘भू-राजनीतिक तनाव बढ़ने के बीच वैश्विक बाजारों में जोखिम से बचने की प्रवृत्ति के कारण रुपये के नकारात्मक रुख के साथ कारोबार करने की उम्मीद है। मजबूत डॉलर और कच्चे तेल की कीमतों में तेजी भी रुपये पर दबाव डाल सकती है।’’
उन्होंने कहा कि अक्टूबर में अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दर बढ़ाने की संभावना घटने और आरबीआई के किसी भी हस्तक्षेप से निचले स्तर पर रुपये को समर्थन मिल सकता है। कारोबारियों की नजर अमेरिका से जारी होने वाले साप्ताहिक बेरोजगारी दावे के आंकड़ों पर भी रहेगी।
विदेशी मुद्रा कारोबारियों ने कहा कि निवेशक अमेरिकी डॉलर-रुपये की जोड़ी में सट्टेबाजी पर अंकुश लगाने के लिए आरबीआई की कार्रवाई का इंतजार करेंगे। आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने बुधवार को कहा था कि केंद्रीय बैंक रुपये को उसका उचित मूल्य हासिल करने में मदद करेगा।
आरबीआई गवर्नर ने कहा था, ‘‘हम सुनिश्चित करेंगे कि रुपया स्थिर रहे, उसे उसका सही मूल्य मिले और हम उसके सही मूल्य हासिल करने की प्रक्रिया में व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ने में समर्थन देंगे। साथ ही यह भी सुनिश्चित करेंगे कि अत्यधिक उतार-चढ़ाव न हो।’’
इस बीच, दुनिया की छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले डॉलर की मजबूती को मापने वाला डॉलर सूचकांक 0.16 प्रतिशत बढ़कर 102.40 पर कारोबार कर रहा था।
वैश्विक तेल मानक ब्रेंट कच्चा तेल वायदा कारोबार में 4.20 प्रतिशत बढ़कर 104.41 डॉलर प्रति बैरल पर था। यह तेजी होर्मुज जलडमरूमध्य के जरिये कच्चे तेल की आपूर्ति बाधित होने की आशंका के बीच आई।
घरेलू शेयर बाजार में सेंसेक्स 1,045.46 अंक की गिरावट के साथ 71,593.24 अंक पर, जबकि निफ्टी 371.25 अंक टूटकर 22,231.80 अंक पर बंद हुआ।
शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने बुधवार को शुद्ध रूप से 6,121.37 करोड़ रुपये के शेयर बेचे थे।
भाषा योगेश अजय
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