मुंबई, छह अप्रैल (भाषा) विशेषज्ञों ने नीतिगत दर पर भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) के फैसले को संतुलित और समझदारी भरा बताते हुए उम्मीद जताई है कि इससे वृद्धि को गति मिलेगी।
आरबीआई मई, 2022 से अपनी सभी मौद्रिक नीति समीक्षा बैठकों में रेपो दर में बढ़ोतरी करता आ रहा था। लेकिन उसने बृहस्पतिवार को ठहराव के पक्ष में फैसला किया। इसके साथ ही मुद्रास्फीति और वैश्विक आर्थिक परिदृश्य के मद्देनजर रेपो दर में एक और बढ़ोतरी का अनुमान सही साबित नहीं हुआ।
केंद्रीय बैंक मई, 2022 से रेपो दर को ढाई प्रतिशत बढ़ाकर 6.5 प्रतिशत कर चुका है।
भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) के चेयरमैन दिनेश खारा ने कहा कि आरबीआई का यह फैसला ”एक सुखद आश्चर्य की तरह है, क्योंकि बाजार में एक और अंतिम दर वृद्धि की चर्चा थी।” उन्होंने कहा कि अनिश्चितता के माहौल में यह सही समय पर लिया गया फैसला है।
बैंक ऑफ बड़ौदा के मुख्य अर्थशास्त्री मदन सबनवीस ने कहा, ‘‘रेपो दर में बदलाव न करने के लिए आम सहमति से लिया गया फैसला नीति का आश्चर्यजनक पहलू है। यह फरवरी की नीति के विपरीत इसके नजरिये में आशावाद की उम्मीद जगाता है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘कुल मिलाकर एक बेहद संतुलित और समझदारी भरा फैसला लिया गया है, जो स्थिरता सुनिश्चित करता है।’’
कोटक महिंद्रा बैंक में कॉरपोरेट बैंकिंग की अध्यक्ष अनु अग्रवाल ने कहा कि नीतिगत दरों को अपरिवर्तित रखना एक बेहद स्वागत योग्य खबर है, खासतौर से उस घबराहट को देखते हुए जो ओपेक देशों के उत्पादन में कटौती के बाद बनी थी।
रेटिंग एजेंसी इक्रा की मुख्य अर्थशास्त्री अदिति नायर ने कहा कि ऐसा लगता है कि वित्तीय स्थिरता संबंधी चिंताओं पर पहले ही रोक लगा दी गई है, क्योंकि एमपीसी अब तक की गई कुल 2.5 प्रतिशत वृद्धि के प्रभाव का आकलन कर रही है।
उन्होंने कहा कि यदि मुद्रास्फीति 2023-24 की पहली तिमाही में एमपीसी के आकलन के अनुरूप नहीं रही तो एक और बढ़ोतरी हो सकती है।
हाउसिंग डॉट कॉम के समूह मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) ध्रुव अग्रवाल ने कहा कि आरबीआई का फैसला आमतौर पर रियल एस्टेट उद्योग और विशेष रूप से घर खरीदारों के लिए एक बड़ी राहत है।
उन्होंने कहा, ‘‘अगर आरबीआई दर में एक और बढ़ोतरी करता तो ब्याज दरें रिकॉर्ड उच्चस्तर पर पहुंच जातीं, जो आवास क्षेत्र में सकारात्मक भावना को प्रभावित कर सकता था।’’
कमोडिटी पार्टिसिपेंट्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (सीपीएआई) के अध्यक्ष नरिंदर वाधवा ने उम्मीद जताई कि यह ठहराव लंबा चलेगा। उन्होंने कहा कि आरबीआई के इस फैसले से बाजार खुश है।
भाषा पाण्डेय प्रेम
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