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Friday, 23 October, 2026
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एआई-संचालित साइबर जोखिमों को लेकर आरबीआई सतर्क: गवर्नर मल्होत्रा

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नयी दिल्ली, 23 अक्टूबर (भाषा) भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने शुक्रवार को कहा कि केंद्रीय बैंक और अन्य बैंक कृत्रिम मेधा (एआई) एजेंटों से पैदा होने वाले उभरते साइबर जोखिमों को लेकर सतर्क हैं तथा वे अपनी आईटी प्रणालियों में कमियों की पहचान करने और उन्हें दूर करने के लिए उपाय कर रहे हैं।

मल्होत्रा ​​ने एआई एजेंटों के परीक्षण मोड में काम करने और कथित तौर पर विदेशों में बैंकों पर हमला करने तथा डेटा में सेंध लगाने की खबरों का जिक्र करते हुए कहा कि ऐसे जोखिम वास्तविक हैं लेकिन बैंकिंग प्रणालियों को सुरक्षित रखकर इनका समाधान किया जा सकता है।

ऐसी खबरें हैं कि प्रमुख अमेरिकी बैंकों ने ग्राहक खातों के भीतर तीसरे पक्ष के एआई एजेंटों का पता लगाया है, जिससे यह चिंता बढ़ गई है कि स्वचालित उपकरण ग्राहकों द्वारा दिए गए निर्देशों से परे जाकर काम कर सकते हैं।

उन्होंने ‘एनडीटीवी वर्ल्ड समिट’ में कहा, ”हमारे बैंकों, सरकार और साथ ही आरबीआई ने इन्हें सतर्क कर दिया है, और वे इसके प्रति सचेत हैं तथा यह सुनिश्चित करने के लिए उपाय कर रहे हैं कि इस तरह की कमियां जहां भी हों, उन्हें दूर किया जाए।”

यह बयान भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) द्वारा डार्क वेब पर 3,897 ग्राहकों की निजी जानकारी उजागर होने के संदिग्ध खुलासे को स्वीकार करने के बीच आया है।

आरबीआई गवर्नर ने कहा कि केंद्रीय बैंक के पास एक मजबूत टीम, उचित विनियामक और पर्यवेक्षी तंत्र के साथ-साथ ऐसे विशेषज्ञ हैं जो प्रमुख बैंकों और गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी) की आईटी प्रणालियों का ऑडिट करते हैं।

उन्होंने कहा कि आरबीआई अपने आईटी बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और निर्धारित नियमों का अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए बैंकों और एनबीएफसी के साथ लगातार संवाद कर रहा है।

मल्होत्रा ​​ने कहा कि दो प्रमुख क्षेत्रों – डेटा सुरक्षा और साइबर हमलों से सुरक्षा पर खास ध्यान है, जो बैंकिंग प्रणालियों को बाधित कर सकते हैं और कामकाज में रुकावट पैदा कर सकते हैं।

उन्होंने कहा कि हालांकि आरबीआई के पास एक मजबूत विनियामक और पर्यवेक्षी ढांचा है, लेकिन सॉफ्टवेयर विकास की तेज गति का मतलब है कि कभी-कभी कमियां सामने आ सकती हैं।

उन्होंने कहा, ”हमारा प्रयास है कि हम इन कमियों की जल्द से जल्द पहचान करें और उन्हें दूर करें।”

एससीएनआर (विदेशी मुद्रा प्रवासी-बैंक) जमा के भुगतान को लेकर मल्होत्रा ​​ने कहा कि आरबीआई के पास इस जमा राशि को चुकाने के लिए पर्याप्त भंडार और समय है।

भाषा पाण्डेय रमण

रमण

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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