चंडीगढ़, 24 सितंबर (भाषा) पंजाब मंत्रिमंडल ने बुधवार को जीएसटी से पहले के बकाये की वसूली को लेकर व्यापारियों के लिए एकमुश्त निपटान योजना को मंजूरी दे दी। इससे उन्हें राज्य में माल एवं सेवा कर (जीएसटी) लागू होने से पहले विभिन्न कानूनों के तहत लंबित बकाया राशि का भुगतान करने की अनुमति मिल जाएगी।
मुख्यमंत्री भगवंत मान की अध्यक्षता में यहां मंत्रिमंडल की बैठक में, राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) के मामलों की सुनवाई के लिए मोहाली में एक विशेष अदालत स्थापित करने को भी मंजूरी दे दी गई।
वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने बाद में संवाददाताओं से कहा कि मंत्रिमंडल ने 2022 में सतर्कता ब्यूरो द्वारा दर्ज भ्रष्टाचार के एक मामले में पंजाब के पूर्व मंत्री साधु सिंह धर्मसोत के खिलाफ अभियोजन की मंजूरी दी है।
चीमा ने कहा कि जीएसटी से पहले के बकाया की वसूली के लिए एकमुश्त निपटान (ओटीएस) योजना शुरू की जाएगी।
उन्होंने बताया कि ये बकाया पंजाब मूल्य वर्धित कर अधिनियम 2005, केंद्रीय बिक्री कर अधिनियम 1956, पंजाब बुनियादी ढांचा विकास और विनियमन अधिनियम 2002, पंजाब सामान्य बिक्री कर अधिनियम 1948, पंजाब मनोरंजन कर (सिनेमैटोग्राफ शो) अधिनियम 1954 और पंजाब मनोरंजन शुल्क अधिनियम 1955 के तहत लंबित हैं।
चीमा ने कहा, ‘‘हम इन सभी मामलों में एकमुश्त निपटान व्यवस्था लागू करेंगे।’’
उन्होंने कहा, ‘‘कुल 20,039 मामले हैं। हमने इन्हें एकमुश्त निपटान योजना के तहत निपटाने का फैसला किया है। ब्याज और जुर्माना माफ किया जाएगा।’’
मंत्री ने कहा कि इस कदम से 20,000 से ज्यादा व्यापारियों को फायदा होगा।
एक अन्य फैसले में, मंत्रिमंडल ने चावल मिलों के लिए एकमुश्त निपटान योजना को मंज़ूरी दे दी। चीमा ने कहा, ‘‘चावल मिलों से जुड़े 1,688 चूक के मामले हैं। इन मामलों में भी ब्याज और जुर्माना माफ किया जाएगा।’’
भाषा रमण अजय
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