नयी दिल्ली, पांच अप्रैल (भाषा) भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने बुधवार को कहा कि निवेश निर्णय लेने वाले पोर्टफोलियो प्रबंधकों को लोगों और अपने कर्मचारियों को शोध रिपोर्ट जारी करने के लिये शोध विश्लेषक नियम के तहत पूंजी बाजार नियामक से पंजीकरण प्राप्त करने की जरूरत नहीं है।
हालांकि, ऐसे पोर्टफोलियो प्रबंधकों को किसी खास ग्राहकों के लिये कोई भी शोध रिपोर्ट जारी करने और प्रतिभूतियों की खरीद, बिक्री के बारे में सलाह देने को लेकर शोध विश्लेषक के तहत पंजीकरण प्रमाणपत्र प्राप्त करने की जरूरत होती है।
सेबी ने पंजीकृत पोर्टफोलियो प्रबंधक एलजीटी वेल्थ इंडिया के लिये दिशानिर्देश उपलब्ध कराते हुए संकेत दिया कि उसके नियम मामला-दर-मामला आधार पर तय होंगे।
एलजीटी वेल्थ इंडिया ने सेबी से यह पूछा था कि क्या वह प्रतिभूतियों की खरीद या बिक्री के बारे में सिफारिश दे सकती है और शेयरों को लेकर कीमत लक्ष्य के बारे में बता सकती है? इसी सवाल पर सेबी ने स्पष्टीकरण जारी किया है।
सेबी ने कहा, ‘‘पोर्टफोलियो प्रबंधक को अनुसंधान विश्लेषक के रूप में पंजीकरण की आवश्यकता से छूट होगी। हालांकि, शोध विश्लेषक नियमों के तहत छूट उन संस्थाओं तक सीमित है जो शोध रिपोर्ट जारी करते हैं या उसे प्रसारित करते हैं/ अथवा लोगों, कंपनी के निदेशक या कर्मचारी को शोध रिपोर्ट वितरित करते हैं और जो सार्वजनिक रूप से काम करते हैं।’’
बाजार नियामक ने कहा, ‘‘चिन्हित या चयनित किसी भी व्यक्ति को कोई शोध रिपोर्ट या सिफारिश जारी करने के लिये पोर्टफोलियो प्रबंधक को शोध विश्लेषक नियमों के अनुसार पंजीकरण प्रमाण पत्र प्राप्त करने की जरूरत होगी।’’
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रमण अजय
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