(कुमार दीपांकर)
नयी दिल्ली, 25 अक्टूबर (भाषा) सार्वजनिक क्षेत्र के पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) ने चालू वित्त वर्ष में अपने लागत से आय अनुपात को 50 प्रतिशत से नीचे लाने का लक्ष्य रखा है। बैंक का इरादा इसे 2028-29 तक और घटाकर करीब 45 प्रतिशत पर लाने का है।
बैंक के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) अशोक चंद्रा ने पीटीआई-भाषा के साथ साक्षात्कार में यह जानकारी दी।
चंद्रा ने कहा कि चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही में बैंक का लागत-आय अनुपात 50.38 प्रतिशत रहा है, जो सितंबर, 2025 में 53.3 प्रतिशत था। बैंक अपने खर्च को सुसंगत बनाने और लाभप्रदता बढ़ाने पर ध्यान दे रहा है।
उन्होंने कहा, “हमने इस वित्त वर्ष में लागत-आय अनुपात को 50 प्रतिशत से नीचे लाने का लक्ष्य रखा है। यह हमारा पहला लक्ष्य है। अगले दो साल में, यानी वित्त वर्ष 2028-29 तक, इसे करीब 45 प्रतिशत पर लाने का लक्ष्य है।”
चंद्रा के मुताबिक, बैंक परिचालन दक्षता में सुधार के लिए दो प्रमुख क्षेत्रों पर काम कर रहा है। इनमें खर्च का युक्तिसंगत प्रबंधन और मुनाफे को अधिकतम करना शामिल है। बैंक की विभिन्न इकाइयों को भी परिचालन दक्षता बढ़ाने के महत्व के प्रति जागरूक किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि बैंक की प्रत्येक समीक्षा बैठक में जमा पर आने वाली लागत, दिए गए कर्ज से प्राप्त होने वाली आय, शुल्क आधारित आमदनी और परिचालन खर्च घटाने के उपायों पर चर्चा की जाती है। बैंक को कई अन्य क्षेत्रों में भी लागत कम करने की गुंजाइश दिख रही है और इस दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
चंद्रा ने कहा कि बीते वर्षों में पीएनबी को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा, जिसके कारण उसका लागत-आय अनुपात अपेक्षाकृत ऊंचा रहा। हालांकि, अब बैंक इसे कम करने के लिए सुनियोजित तरीके से काम कर रहा है।
उन्होंने बताया कि बैंक का लक्ष्य अगली कुछ तिमाहियों में 6,000 करोड़ रुपये का लाभ हासिल करने का है। पीएनबी ने पिछली चार तिमाहियों में परिचालन लाभ, शुद्ध मुनाफे और अन्य प्रमुख वित्तीय मानकों पर निरंतरता बनाए रखी है। बैंक को उम्मीद है कि आने वाली तिमाहियों में भी यह रुख जारी रहेगा।
चंद्रा के अनुसार, बैंक अबतक 5,500 करोड़ रुपये से अधिक का शुद्ध लाभ दर्ज कर चुका है और परिचालन लाभ में आगे वृद्धि करने का लक्ष्य रखता है। इससे शुद्ध लाभ बढ़ाने में भी मदद मिलेगी।
सितंबर, 2026 में समाप्त चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में पीएनबी का शुद्ध लाभ सालाना आधार पर 13 प्रतिशत बढ़कर 5,532 करोड़ रुपये रहा है। मुख्य आय में सुधार और खराब कर्ज में कमी से लाभ को समर्थन मिला। यह किसी एक तिमाही में बैंक का अबतक का सर्वाधिक शुद्ध लाभ है।
चंद्रा ने बताया कि तिमाही के दौरान करीब 1,000 करोड़ रुपये के ‘ट्रेजरी’ नुकसान के बावजूद बैंक परिचालन लाभ में वृद्धि बनाए रखने में सफल रहा।
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