scorecardresearch
Thursday, 26 March, 2026
होमदेशअर्थजगतभारत के द्विपक्षीय उड़ान अधिकार न देने की धारणा ‘‘गलत’’: इंडिगो सीईओ

भारत के द्विपक्षीय उड़ान अधिकार न देने की धारणा ‘‘गलत’’: इंडिगो सीईओ

Text Size:

नयी दिल्ली, 29 अक्टूबर (भाषा) एयरलाइन कंपनी इंडिगो के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) पीटर एल्बर्स ने बुधवार को कहा कि सरकार विमानन बाजार को खोलने के लिए सही कदम उठा रही है और देश के विदेशी विमान कंपनियों को द्विपक्षीय उड़ान अधिकार नहीं देने की धारणा ‘‘गलत’’ है।

इंडिगो देश की सबसे बड़ी एयरलाइन कंपनी है और अपने अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का तेजी से विस्तार कर रही है। इसके पास 400 से अधिक विमान हैं और यह रोजाना 2,200 से अधिक उड़ानों का संचालन करती है।

एल्बर्स ने राष्ट्रीय राजधानी में एक सम्मेलन में कहा, ‘‘ कुछ लोग यह धारणा बनाना चाहते हैं कि भारत कोई यातायात अधिकार नहीं दे रहा है, जो कि गलत है। भारत जहां भी उचित हो, चुनिंदा यातायात अधिकार देता है… अवसर मौजूद हैं और यातायात अधिकार इस तरह से दिए जा रहे हैं कि यह ध्यान में रखा जा सके कि उनका उपयोग दोनों पक्षों द्वारा किया जा रहा है या नहीं…’’

कुछ विदेशी विमान कंपनियों खासकर खाड़ी देशों की कंपनियों ने भारत के द्विपक्षीय उड़ान अधिकारों में वृद्धि न करने पर चिंता व्यक्त की है।

भारत दुनिया के सबसे तेजी से बढ़ते नागर विमानन बाजारों में से एक है।

एल्बर्स ने कहा कि लंबे समय से भारत में ऐसी स्थिति बनी रही जहां गैर-भारतीय संचालक की क्षमताएं भारतीय संचालकों की क्षमता से काफी अधिक रही।

उन्होंने कहा कि इंडिगो सहित भारतीय एयरलाइन कंपनियों द्वारा दिए गए वर्तमान बेड़े के ऑर्डर बहुत बड़े हैं। साथ ही बुनियादी ढांचे के निर्माण में सामूहिक रूप से अरबों डॉलर का निवेश करने की प्रतिबद्धताएं हैं।

उन्होंने कहा कि बाजार खोलने के मामले में भारत सरकार सही कदम उठा रही है और इसके लिए संतुलित दृष्टिकोण की आवश्यकता है।

एल्बर्स ने इंडिगो के अंतरराष्ट्रीय विस्तार और इसे एक वैश्विक कंपनी बनाने के प्रयासों का भी उल्लेख किया और कहा कि भारत में इंडिगो अपनी जगह बना चुकी है लेकिन विदेशी ग्राहकों के लिए अभी यह एक नया विकल्प है।

इंडिगो ने लंदन, कोपेनहेगन, एम्स्टर्डम और मैनचेस्टर के लिए हाल ही में उड़ानें शुरू करके अपने अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का विस्तार किया है।

एल्बर्स राष्ट्रीय राजधानी में ‘एविएशन इंडिया एंड साउथ एशिया 2025’ सम्मेलन में यह बात कही।

भाषा निहारिका अजय

अजय

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

share & View comments