शिमला, नौ अक्टूबर (भाषा) हिमाचल प्रदेश बागवानी उपज विपणन एवं प्रसंस्करण निगम (एचपीएमसी) और हिमाचल प्रदेश राज्य सहकारी विपणन एवं उपभोक्ता महासंघ (हिमफेड) ने इस मौसम में बाजार हस्तक्षेप योजना (एमआईएस) के तहत अब तक 13,200 टन से अधिक सेब खरीदे हैं।
राज्य के बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इस साल सेब उत्पादन में गिरावट के पीछे बेमौसम बारिश, फूल आने के दौरान ठंडा मौसम और असमय वर्षा सहित कई कारण हैं। ठंड के लिए जरूरी अवधि पूरी नहीं होना भी एक कारण है।
नेगी ने यहां संवाददाताओं से कहा कि मौजूदा राज्य सरकार को पिछली भाजपा सरकार से एमआईएस के तहत 114 करोड़ रुपये का बकाया विरासत में मिला था। पिछली सरकार की देनदारियों का भुगतान करने के अलावा, मौजूदा सरकार अब तक किसानों और बागवानों को 262 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान कर चुकी है।
उन्होंने बताया कि एमआईएस के तहत खरीद मूल्य में एक रुपये प्रति इकाई की वृद्धि की गई है। योजना के तहत प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के जरिये 30 से कम पेटियों वाले 11,285 किसानों और बागवानों तथा 100 से कम पेटियों वाले 2,827 किसानों और बागवानों को भुगतान किया गया है।
उन्होंने कहा कि 100 से अधिक पेटियों वाले करीब 7,000 किसानों और बागवानों की पहचान की गई है। इनमें से 2,000 मामलों का सत्यापन पूरा हो चुका है, जबकि शेष 5,000 मामलों के सत्यापन के लिए भूमि रिकॉर्ड से जुड़े दस्तावेज मांगे गए हैं।
नेगी ने बताया कि इस मौसम में अब तक सेब की एक करोड़ 23 लाख पेटियां बाजारों में पहुंच चुकी हैं।
भाषा राजेश राजेश प्रेम
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