मुंबई, 26 अक्टूबर (भाषा) पिछले एक साल में विनिर्माण क्षेत्र में कार्यकारी पदों में हुए बदलाव का एक बड़ा हिस्सा बाहरी लोगों से भरा गया।
सीआईईएल एचआर सर्विसेज की एक रिपोर्ट के अनुसार, इससे संगठनों में भीतर से पदोन्नति के बजाय नए नेतृत्व को लाने की स्पष्ट प्राथमिकता का पता चलता है।
रिपोर्ट पिछले एक साल में भारतीय विनिर्माण क्षेत्र में हुए कार्यकारी स्तर के बदलावों के विश्लेषण पर आधारित है। इसमें लगभग दो-तिहाई (62 प्रतिशत) वरिष्ठ नियुक्तियां बाहरी लोगों की थीं।
रिपोर्ट सार्वजनिक रूप से उपलब्ध स्रोतों से जमा किए गए आंकड़ों पर आधारित है। इसमें पेशेवर नेटवर्किंग मंच, कंपनी घोषणाएं, प्रेस बयान और वरिष्ठ प्रबंधन नियुक्तियों पर नजर रखने वाले सत्यापित आंकड़े शामिल हैं।
रिपोर्ट में आगे बताया गया कि नेतृत्व में बदलाव के ये रुझान सबसे ज्यादा शीर्ष स्तर पर दिखाई दिए।
सीआईईएल एचआर सर्विसेज ग्रुप के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) आदित्य मिश्रा ने कहा, ‘‘इस स्तर के बदलाव से पता चलता है कि कंपनियां खुद को डिजिटलीकरण, ऊर्जा रूपांतरण और नई वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं के लिए तैयार कर रही हैं।’’
रिपोर्ट में आगे बताया गया है कि कुल बदलावों में महिलाओं की हिस्सेदारी केवल 14 प्रतिशत थी, हालांकि आंतरिक पदोन्नति के माध्यम से उनके आगे बढ़ने की संभावना पुरुषों की तुलना में अधिक थी।
भाषा पाण्डेय अजय
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