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Thursday, 29 January, 2026
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आरटीडीसी के होटलों को निजी क्षेत्र में देने का विचार नहीं: मंत्री

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जयपुर, 31 जनवरी (भाषा) राजस्थान सरकार ने मंगलवार को यह स्पष्ट किया कि राजस्थान पर्यटन विकास निगम (आरटीडीसी) के तहत संचालित किसी भी होटल को निजी क्षेत्र में देने का कोई विचार नहीं है।

राजस्थान विधानसभा में पर्यटन राज्य मंत्री मुरारी लाल मीणा ने यह जानकारी दी। उन्होंने प्रश्नकाल में इस संबंध में विधायकों द्वारा पूछे गए पूरक प्रश्नों के जवाब में कहा कि राज्य बजट घोषणा के अनुरूप आरटीडीसी ने छह होटलों के पुनरुद्धार एवं उन्नयन के लिए राशि जारी की है।

इन होटलों में जयपुर का होटल गणगौर, अजमेर का होटल खादिम, उदयपुर का होटल कजरी, माउंट आबू का होटल शिखर, भरतपुर का होटल फॉरेस्ट लॉज तथा सरिस्का का होटल टाइगर डेन शामिल है। उन्होंने कहा कि इन होटलों के पुनरुद्धार का काम ‘आउटसोर्स’ के जरिये किया जाएगा तथा इन्हें निजी क्षेत्र में नहीं दिया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि बजट में सात होटल इकाइयों के लिए घोषणा की गई थी, लेकिन संचालक मंडल के निर्णय को देखते हुए ‘बहरोड़ मिड वे’ का चयन नहीं किया गया। इसके लिए संचालक मंडल ने मुख्यमंत्री से भी सहमति ले ली थी।

इस दौरान विधानसभा अध्यक्ष ने हस्तक्षेप करते हुए बजट घोषणा में बदलाव के बारे में जानकारी प्रश्न के जवाब के साथ संबंधित मंत्री द्वारा दिये जाने की व्यवस्था के निर्देश दिए।

पर्यटन राज्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2021-22 में जिन होटल के नवीनीकरण के लिए राशि स्वीकृत की गई थी, उन पर अब तक कम व्यय हो पाया है। प्रक्रिया में समय लगने से स्वीकृत राशि के विरूद्ध कम व्यय किया जा सका। अब शीघ्र ही कार्य की गति बढ़ाकर इन इकाइयों में मरम्मत के कार्य को शीघ्र पूरा कर दिया जाएगा।

इससे पहले भाजपा विधायक कालीचरण सराफ के मूल प्रश्न के लिखित जवाब में पयर्टन राज्य मंत्री ने बताया कि सरकार ने आरटीडीसी के मुनाफे वाले होटलों को निजी क्षेत्र में देने का कोई निर्णय नहीं किया है।

भाषा पृथ्वी कुंज रंजन प्रेम

प्रेम

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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