नयी दिल्ली, 14 फरवरी (भाषा) चार्टर्ड अकाउंटेंट्स के शीर्ष संस्थान आईसीएआई ने शुक्रवार को कहा कि नया आयकर विधेयक देश के छह दशक पुराने कर ढांचे को सरल बनाएगा और साथ ही सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्यमों की वृद्धि को बढ़ावा देने में भी मदद करेगा।
भारतीय सनदी लेखाकार संस्थान (आईसीएआई) भी विधेयक के विभिन्न प्रावधानों की बारीकी से जांच करने के लिए एक पांच सदस्यीय समूह का गठन कर रहा है।
यह विधेयक बृहस्पतिवार को लोकसभा में पेश किया गया। इसका उद्देश्य कर से संबंधित विवादों को कम करना और कर नियमों की स्पष्टता सुनिश्चित करना है, ताकि नई व्याख्याओं या मुकदमेबाजी की जरूरत कम से कम हो।
आईसीएआई ने एक विज्ञप्ति में कहा कि छह दशकों से लागू आयकर ढांचे को सरल बनाने के उद्देश्य से यह विधेयक लाया गया है।
आईसीएआई के अध्यक्ष चरणजोत सिंह नंदा ने कहा कि यह विधेयक रोजगार सृजन और एमएसएमई विकास को मजबूत करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है, क्योंकि यह भारत के कर ढांचे को सरल बनाएगा और बड़े पैमाने पर भारतीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देगा।
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