भोपाल, 27 फरवरी (भाषा) मध्य प्रदेश विधानसभा का बजट सत्र सोमवार को राज्यपाल मंगू भाई पटेल द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सपनों एवं संकल्पों के अनुसार राज्य को आत्मनिर्भर बनाने के शिवराज सिंह चौहान सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराने के साथ शुरू हुआ।
मध्य प्रदेश में इस साल के अंत में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं और यह आखिरी सत्र होने की संभावना है। इस सत्र में एक मार्च को प्रदेश सरकार ‘‘ कागजरहित बजट’’ पेश करेगी।
राज्यपाल पटेल ने अपने संबोधन में कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में अमृत महोत्सव से अमृत काल तक समृद्ध, विकसित एवं आत्मनिर्भर भारत के निर्माण की एक नई महायात्रा प्रारंभ हो गई है। मध्य प्रदेश भी कदम से कदम और कंधे से कंधा मिलाकर प्रधानमंत्री के सपनों एवं संकल्पों की सिद्धि में अपना हरसंभव योगदान दे रहा है।
पटेल ने कहा, ‘‘ मेरी सरकार आत्मनिर्भर मध्य प्रदेश के निर्माण की प्रतिबद्धता का प्रमाण भी है और प्रतिबिम्ब भी। ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2023 ( जनवरी 2023 में इंदौर में आयोजित) एक मील का पत्थर था। इसमें 15.42 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव आए जो राज्य सरकार की उद्योग हितैषी नीतियों एवं शासन तंत्र पर निवेशकों के अटूट भरोसे का ही परिणाम है।’’
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार अपने 8.50 करोड़ नागरिकों को एक परिवार मान रही है और उनके कल्याण के लिए अथक प्रयास कर रही है।
इस बीच, विपक्ष के नेता और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गोविंद सिंह ने संवाददाताओं से कहा कि वह कागजरहित बजट पेश करने का विरोध करेंगे।
उनकी पार्टी के सहयोगी जीतू पटवारी और कुणाल चौधरी हल लेकर विधानसभा परिसर में आए और दावा किया कि ऐसा राज्य के संकटग्रस्त किसानों को समर्थन देने के लिए किया जा रहा है।
पटवारी ने मीडिया से कहा, ‘‘ मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान यदि हेलिकॉप्टर से कुदाली ले जा सकते हैं (भील जनजाति की हलमा (श्रमदान) संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए रविवार को झाबुआ जिले में मुख्यमंत्री कुदाली लेकर पहुंचे थे।) तो वह हल लेकर क्यों नहीं आ सकते ।’’
राज्यपाल के अभिभाषण के बाद अध्यक्ष गिरीश गौतम ने सदन की कार्यवाही मंगलवार तक के लिए स्थगित कर दी।
भाषा दिमो
रंजन अजय
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