मुंबई, 16 दिसंबर (भाषा) विदेशी संस्थागत निवेशकों की लगातार पूंजी निकासी, डॉलर के मुकाबले रुपये के रिकॉर्ड निचले स्तर पर चले जाने और वैश्विक बाजारों के कमजोर रुख के बीच मंगलवार को स्थानीय शेयर बाजार गिरावट के साथ बंद हुए। सेंसेक्स 533 अंक लुढ़क गया जबकि सेंसेक्स में 167 अंक की गिरावट रही।
बीएसई का 30 शेयरों पर आधारित मानक सूचकांक सेंसेक्स 533.50 अंक यानी 0.63 प्रतिशत की गिरावट के साथ 84,679.86 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान एक समय यह 592.75 अंक गिरकर 84,620.61 अंक तक आ गया था।
एनएसई का 50 शेयरों वाला मानक सूचकांक निफ्टी भी 167.20 अंक यानी 0.64 प्रतिशत गिरकर 25,860.10 अंक पर बंद हुआ।
यह शेयर बाजार में गिरावट का लगातार दूसरा दिन रहा। सोमवार को भी बाजार मामूली गिरावट के साथ बंद हुए थे।
सेंसेक्स के समूह में शामिल कंपनियों में से एक्सिस बैंक में सबसे अधिक 5.03 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। इसके अलावा इटर्नल, एचसीएल टेक, बजाज फिनसर्व, टाटा स्टील, अल्ट्राटेक सीमेंट और बजाज फाइनेंस के शेयर भी नुकसान में रहे।
दूसरी तरफ, टाइटन, भारती एयरटेल, महिंद्रा एंड महिंद्रा और एशियन पेंट्स के शेयरों में तेजी का रुख देखा गया।
अमेरिकी मुद्रा के मुकाबले रुपया रिकॉर्ड पहली बार 91 के स्तर के पार बंद हुआ। कारोबार के दौरान रुपये ने 91.14 रुपये प्रति डॉलर के अपने अब तक के सबसे निचले स्तर को भी छुआ।
शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने सोमवार को 1,468.32 करोड़ रुपये के शेयर बेचे, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने 1,792.25 करोड़ रुपये की शुद्ध खरीद की।
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, “एफआईआई के लगातार बिकवाली करने और वैश्विक स्तर पर कमजोर धारणा के बीच डॉलर के मुकाबले रुपये में आई रिकॉर्ड गिरावट ने घरेलू शेयर बाजारों को नकारात्मक दायरे में धकेल दिया।”
व्यापक बाजार में मझोली कंपनियों का बीएसई मिडकैप सूचकांक 0.78 प्रतिशत टूट गया जबकि छोटी कंपनियों के स्मालकैप सूचकांक में 0.69 प्रतिशत की गिरावट रही।
क्षेत्रवार सूचकांकों में रियल्टी खंड में सर्वाधिक 1.36 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई जबकि बैंक खंड में 1.03 प्रतिशत और जिंस खंड में 0.91 प्रतिशत का नुकसान रहा।
बीएसई पर सूचीबद्ध 2,519 शेयर गिरावट के साथ बंद हुए जबकि 1,651 शेयरों में तेजी रही और 158 अन्य अपरिवर्तित रहे।
ऑनलाइन ट्रेडिंग मंच एनरिच मनी के मुख्य कार्यपालक अधिकारी पोनमुडी आर. ने कहा, ‘डॉलर के मुकाबले रुपये के 91 के स्तर के पार चले जाने से व्यापक आर्थिक पहलुओं को लेकर चिंता पैदा हुई और निवेशकों ने जोखिम से बचना बेहतर समझा। इसके साथ अन्य एशियाई बाजारों की कमजोरी और वैश्विक अनिश्चितता ने भी धारणा पर असर डाला।’
एशिया के अन्य बाजारों में दक्षिण कोरिया का कॉस्पी, जापान का निक्की, चीन का शंघाई कंपोजिट और हांगकांग का हैंग सेंग सूचकांक तेज गिरावट के साथ बंद हुए।
यूरोप के प्रमुख बाजारों में दोपहर कारोबार में मिला-जुला रुख था। अमेरिकी बाजार सोमवार को नुकसान में बंद हुए थे।
वैश्विक तेल बाजार में ब्रेंट क्रूड 1.54 प्रतिशत गिरकर 59.63 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया।
सोमवार को सेंसेक्स 54.30 अंक गिरकर 85,213.36 अंक और निफ्टी 19.65 अंक की मामूली गिरावट के साथ 26,027.30 अंक पर बंद हुआ था।
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