नयी दिल्ली, सात जनवरी (भाषा) भारत में 86 प्रतिशत उपभोक्ता सोने और आभूषणों को संपत्ति सृजन का एक प्रमुख साधन मानते हैं। डेलॉयट इंडिया ने बुधवार को एक रिपोर्ट में यह बात कही।
पेशेवर सेवा प्रदाता डेलॉयट इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, उपभोक्ताओं के निवेश पोर्टफोलियो में आभूषणों की भूमिका अब केवल संपत्ति को सुरक्षित रखने तक ही सीमित नहीं रही है, बल्कि यह संपत्ति बढ़ाने का माध्यम भी बन रही है।
रिपोर्ट कहती है कि 86 प्रतिशत भारतीय उपभोक्ता अब सोने और आभूषणों को संपत्ति सृजन का प्रमुख जरिया मानते हैं, जो म्यूचुअल फंड और शेयर जैसे बाजार से जुड़े निवेश विकल्पों (87 प्रतिशत) के लगभग बराबर है।
इसके मुताबिक, 45 वर्ष और उससे अधिक आयु के उपभोक्ता निवेश के उद्देश्य से आभूषण खरीदने की तरफ अधिक झुकाव दिखा रहे हैं।
डेलॉयट इंडिया में साझेदार प्रवीण गोविंदु ने कहा, ‘भारत का आभूषण बाजार एक ऐसे मोड़ पर है, जहां उपभोग केवल परंपरा या कीमत से परिभाषित नहीं होता है, बल्कि इसमें संपत्ति सृजन, आत्म-अभिव्यक्ति और रोजमर्रा की प्रासंगिकता का मेल देखने को मिल रहा है।’
भाषा योगेश प्रेम
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